दिल्ली हाई कोर्ट कॉलेजियम ने जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में असामान्य बदलाव किया है. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने बदलाव करते हुए एडवोकेट प्राची मिश्रा का नाम अनुशंसित सूची से वापस ले लिया है. साथ ही वरिष्ठ वकील असीम चावला और गीतांजलि मालवीय ओझा के नाम को नई सूची में शामिल किया है.
नामों की सूची में IB जांच
दिल्ली हाई कोर्ट कॉलेजियम ने पहले सात नामों की सूची सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम और विधि मंत्रालय और दिल्ली सरकार को भेजी थी. जिसकी जांच आईबी कर रही है. दिल्ली हाई कोर्ट ने वर्तमान में 44 जज कार्यरत है, जबकि स्वीकृत पदों की संख्या 60 है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम जिसकी अध्यक्षता सीजेआई सूर्यकांत कर रहे है, इन नामों पर अपनी राय भेजने के बाद केंद्र सरकार को सिफारिश करेगा. उसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नियुक्त किया जाएगा.
संशोधित सूची में समीर वशिष्ट, संदीप महापात्रा, संदीप शर्मा, रवि प्रकाश, अमित प्रसाद, कादंबरी सिंह, असीम चावला और गीतांजलि मालवीय ओझा शामिल है. प्राची मिश्रा का नाम वापस लेने के पीछे के कारणों का अभी तक स्पष्ट नहीं है. लेकिन मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक बार औपचारिक परामर्श प्रक्रिया शुरू होने के बाद न्यायाधीश नियुक्ति की सिफारिश में बदलाव कम ही देखने को मिलते है.
6 हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्ति की संभावना
दूसरी ओर देश के न्यायपालिका में 16 जून का दिन कई बड़े प्रशासनिक और न्यायिक बदलाओं का गवाह बहस सकता है. सूत्रों के मुताबिक देश को कम से कम छह हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हो सकते है. यदि कॉलेजियम द्वारा भेजे गए इन नामों पर मुहर लगता है कि मुंबई हाई कोर्ट, जम्मू कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट, पटना हाई कोर्ट, राजस्थान हाई कोर्ट, पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट और गुजरात हाई कोर्ट को नए मुख्य न्यायाधीश मिल सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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