दिल्ली हाई कोर्ट ने मेट्रो लाइन से 32 मीटर कॉपर केबल चुराने के आरोपी एक गिग वर्कर को जमानत देने से इनकार कर दिया है. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ने जनता की जान के साथ खिलवाड़ किया और सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया.
जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि आरोपी ने केवल कोई लापरवाह हरकत नही की, बल्कि बल्कि आम आदमी के जीवन को खतरों में डाला गया. अदालत ने कहा कि आरोपी ने सिर्फ ” कुछ बेवकूफी भरी हरकतें” नहीं की, बल्कि उसके कामों से आम आदमी की जान और माल को बहुत ज्यादा खतरा पैदा हुआ. कोर्ट ने आरोपी की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी आदतन अपराधी है.
पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया
31 जनवरी को दिए गए आदेश में कोर्ट ने कहा कि जमानत देते समय, इस कोर्ट को इसमें शामिल सार्वजनिक भलाई बनाम निजी भलाई पर ध्यान.देना चाहिए. यहां आरोपी आम जनता की जान के साथ खिलवाड़ करने का दोषी है. एक डिलीवरी बॉय ने 29 और 30 जून 2025 की रात 2:51 बजे ट्रैक्शन पावर कंट्रोल की ओर से चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पंजाबी बाग इलाके से कॉपर केवल के साथ पकड़ा गया था.
पिछले साल जुलाई से ही वह न्यायिक हिरासत में है. पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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