दिल्ली हाई कोर्ट ने म्यामांर में आतंकी ट्रेनिंग देने के मामले में गिरफ्तार यूक्रेनी नागरिको को राहत देने से इनकार कर दिया है. जस्टिस मधु जैन की बेंच ने निचली अदालत के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिसमें जांच की अवधि को 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन किए जाने के पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी.
यह याचिका हुरबा पेट्रो और अन्य की ओर से दायर की गई थी. वहीं, दिल्ली की निचली अदालत ने एनआईए को अमरीकी नागरिक वैन डाइक और यूक्रेनी नागरिक विक्टर कमींनस्की से 2 और 3 सितंबर को तिहाड़ जेल में पूछताछ की अनुमति दे दिया है.
तिहाड़ में सीमित संपर्क की अनुमति
एनआईए का आरोप है कि वैन डाइक और अन्य आरोपियों का भारत और म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़ी साजिश में शामिल रहे है. वहीं वैन डाइक के परिवार ने उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता जताई है. परिवार का दावा है कि उनके पैर में चोट, आंखों की रोशनी कमजोर होने और दवाइयों से जुड़ी समस्या है.
परिवार का आरोप है कि वैन डाइक को तिहाड़ में सीमित संपर्क की अनुमति है और उनकी 80 साल से अधिक उम्र की मां को उनसे केवल कुछ मिनट की आपातकालीन फोन कॉल की अनुमति मिली थी. मामले में एनआईए ने सात लोगो को गिरफ्तार किया है.
एथेनिक ग्रुप के संपर्क में होने का आरोप
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इसकी जांच के लिए एनआईए को 90 दिन का समय दे दिया था. गिरफ्तार आरोपियों में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक शामिल है. इनपर आरोप है कि ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए और यहां से मिजोरम गए और वहां से गैरकानूनी तरीके से म्यामांर चले गए. इन लोगो पर आरोप है कि म्यामांर के एथेनिक ग्रुप के संपर्क मे थे. वहां आतंकी गुटों को हथियार चलाने और ड्रोन चलाने की ट्रैनिंग दिया था.
आखिर कितने लोगों का ग्रुप?
आरोप है कि इन लोगों ने यूरोप से ड्रोन मंगाए थे. म्यामांर से वापस इंडिया आने पर NIA ने इनको गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के अनुसार 8 अन्य यूक्रेनियन की तलाश जारी है. कुल 14-15 लोगों का ग्रुप था. ये लोग यूरोप से बड़े पैमाने पर ड्रोन पहुंचा रहे थे, जो संभवतः भारत से जुड़े उग्रवादी समूहों तक पहुंच सकते थे.
बता दें कि फंडिंग के लिए पैसा कहां से आया? एनआईए इसका भी पता लगा रही है कि इसके पीछे कौन हैंडलर हैं? क्या, किसी देश का इसके पीछे हाथ है या फिर भारत की धरती से बाहर पनप रहे कुछ आतंकवादी संगठनों का? जिनके हैंडलरो ने यह कोशिश की. आरोपी कई बार ट्रेनिंग देने आ चुके है. इस बार वे गुवाहाटी पहुचे और फिर मिजोरम से अवैध रूप से म्यामांर में घुसे, जहां ट्रेनिंग दी. भारत लौटने पर एनआईए ने 13 मार्च 2026 को उन्हें गिरफ्तार किया.
-भारत एक्सप्रेस
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