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‘हम आते-जाते रहेंगे, लेकिन वे खुद को स्थायी समझते हैं’ CJI सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री सुधार के लिए बनाई उच्चस्तरीय कमेटी

सुप्रीम कोर्ट में केसों की लिस्टिंग और फाइलिंग की समस्याएं हल करने के लिए CJI सूर्यकांत ने कमेटी बनाई. सेक्रेटरी जनरल की अगुवाई वाली इस कमेटी में वकील प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

CJI Surya Kant Formed Committee To Resolve Supreme Court Registry Issues Bharat Express
Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को रजिस्ट्री के साथ रोजमर्रा के कामकाज के दौरान आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए सीजेआई सूर्यकांत ने बड़ा कदम उठाया है. सीजेआई सूर्यकांत ने इन समस्याओं की जांच और उनके समाधान के लिए एक समिति का गठन किया है.

सीजेआई ने यह समिति एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन की ओर से की गई मांग के बाद गठित किया है.

सेक्रेटरी जनरल करेंगे समिति की अध्यक्षता

वकीलों की ओर से लंबे समय से रजिस्ट्री के स्तर पर फाइलिंग, दस्तावेजों, मामलों की लिस्टिंग और अन्य प्रक्रियाओं से जुड़े व्यवहारिक मुद्दों को उठाया जाता रहा है. सीजेआई के मुताबिक गठित समिति की अध्यक्षता सेक्रेटरी जनरल करेंगे. साथ ही समिति में सुप्रीम कोर्ट के तीन रजिस्ट्रार शामिल होंगे.

इसके अलावे सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (स्कोरा) और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के प्रवतिनिधिओं को भी शामिल किया जाएगा. स्कोरा से कहा गया है कि यह समिति के लिए अपने प्रतिनिधि का नाम नामित करें. इसके बाद समिति वकीलों की ओर से सामने आने वाली समस्याओं और उनके समाधान के संभावित उपायों पर विचार करेगी.

प्रशासनिक प्रक्रियाएं होंगी अधिक सुचारू

सीजेआई द्वारा गठित समिति का मुख्य उद्देशत वकीलों और सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के बीच रोजमर्रा के कामकाज में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए व्यवहारिक समाधान तलाशना है. इससे मामलों की फाइलिंग और कोर्ट की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सुचारू बनाने में मदद मिल सकती है.

बता दें कि सीजेआई सूर्यकांत ने फरवरी 2026 में चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि वे इस बात का गहन जांच करेंगे कि कैसे एक ही तरह के मामले अलग-अलग पीठों के समक्ष सूचीबद्ध हो रहा है. सीजेआई सूर्यकांत ने यहां तक कहा था कि ‘अगर मैं पद छोड़ने से पहले इसे ठीक नहीं करता हूं, तो मैं अपने कर्तव्यों में विफल हो जाऊंगा’ उन्होंने कहा था कि अपने कार्यकाल की समाप्ति से पहले सुधारात्मक उपाय करने का संकल्प लिया है.

CJI की टिप्पणी

सीजेआई ने यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश गैंगेस्टर अधिनियम को चुनौती देने वाली और केंद्रीय कानून, भारतीय न्याय संहिता के तहत संगठित अपराध की परिभाषा के विपरीत होने का मुद्दा उठाने वाली रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान की थी.

मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि ‘मैं गहन जांच के आदेश दूंगा. रजिस्ट्री में ऐसे अधिकारी हैं जो पिछले 20-30 सालों से यहां है. उन्हें लगता है कि हम (न्यायाधीश) सभी यहां ट्रांजिट में है और वे स्थायी हैं. इसलिए चीजें उसी तरह होनी चाहिए जैसे वे चाहते है.’

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-भारत एक्सप्रेस



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