पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर द्वारा व्यक्तित्व सुरक्षा की मांग को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 7 दिनों के भीतर Sunil Gavaskar की शिकायत पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने एक हफ्ते में अपनी कार्रवाई से गवास्कर को अवगत कराने को कहा है. कोर्ट 22 दिसंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने यह आदेश दिया है.
व्यक्तित्व के गलत इस्तेमाल का आरोप
Sunil Gavaskar द्वारा दायर याचिका पर उनके नाम, तस्वीर, समानता व व्यक्तित्व के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है. वह व्यक्तित्व अधिकारों से संबंधित मुकदमेबाजी शुरू करने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर है. अदालत ने तकनीकी प्रगति से उत्पन्न पहचान के दुरुपयोग के नए रूपों का भी संज्ञान लिया है. न्यायाधीशों ने कृत्रिम आवाज क्लोनिंग, हेरफेर किए गए दृश्य और अनधिकृत डिजिटल उत्पादों से संबंधित चिंताओं पर विचार किया है.
व्यक्ति की गरिमा और निजता का हनन
उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि इस तरह की नकलें न केवल प्रचार अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि व्यक्ति की गरिमा और निजता का भी हनन करती हैं. साथ ही न्यायालय ने चेतावनी दी है कि व्यंग्य, कलात्मक अभिव्यक्ति, समाचार रिपोर्टिंग और टिप्पणी जैसे संवैधानिक रूप से संरक्षित क्षेत्र अप्रभावित रहने चाहिए.
हाल ही में हाई कोर्ट कई बड़ी हस्तियों के फोटो और व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दे चुकी है. इससे पहले सलमान खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, आराध्या बच्चन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, अजय देवगन, करण जौहर, रजनीकांत, गायिका आशा भोसले, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, सिंगर कुमार, विराट कोहली सहित कई अन्य अदालत का रुख कर चुके है.
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-भारत एक्सप्रेस
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