दिल्ली हाईकोर्ट ने रिक्त सीटों के बावजूद पीजी में नामांकन के लिए अतिरिक्त काउंसिलिंग नहीं करने के मुद्दे पर केंद्र सरकार एवं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIMMS) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस विकास महाजन की बेंच 4 अप्रैल को सुनवाई करेगी. अदालत ने यह जवाब तलब INI-CET के जनवरी, 2025 के सत्र में शामिल कई डाक्टरों की याचिका पर सुनवाई करते हुए किया है.
उन्होंने अतिरिक्त काउंसिलिंग की मांग की है. याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि INI-CET के जनवरी 2025 सत्र के लिए मुख्य दाखिला चरण के बाद अतिरिक्त दाखिला चरण आयोजित किया जाना था. लेकिन नहीं किया गया. इसलिए एम्स को बिना देरी के अतिरिक्त काउंसिलिंग आयोजित करने का निर्देश दिया जाए. क्योंकि ऐसी स्थिति में अतिरिक्त काउंसिलिंग करने की बात ‘प्रास्पेक्टस’ (विवरणिका) में है.
वकील ने कहा कि याचिका गलत तथ्य पर आधारित है
एम्स के वकील ने कहा कि याचिका गलत तथ्य पर आधारित है. परास्नातक (PG) की मुख्य काउंसिलिंग के बाद भी सीट खाली रहता है तो उसे संबंधित INI के सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद ही अतिरिक्त काउंसिलिंग कर भरा जा सकता है. इस मामले में INI आवश्यक पक्षकार है. इस पर याचिकाकर्ता के वकील तन्वी दुबे ने कहा कि वह INI को पक्षकार बनाने के आवेदन दाखिल करेंगी. एम्स ने पीजी पाठय़क्रमों (एमडी/एमएस/एमसीएच (छह वर्ष)/डीएम (छह वर्ष)/एमडीएस) के लिए INI-CET परीक्षा के लिए 10 नवंबर, 2024 को परीक्षा आयोजित की थी. रिजल्ट 16 नवंबर, 2024 को घोषित किया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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