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दिल्ली हाई कोर्ट ने समीर मोदी के साथ हुई मारपीट मामले में बीना मोदी और ललित भसीन से संबंधित केस को रद्द कर दिया है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने समीर मोदी मारपीट मामले में बीना मोदी और ललित भसीन के खिलाफ चल रहे केस को रद्द कर दिया है. आपसी सहमति और समझौता होने के बाद समीर मोदी ने अपनी शिकायत वापस ले ली, जिसके बाद जस्टिस सौरभ बनर्जी ने यह आदेश सुनाया.

High Court quashes assault case against Bina Modi Relief in Samir Modi dispute
Edited by Vaibhav Gupta

दिल्ली हाई कोर्ट ने समीर मोदी के साथ हुई मारपीट मामले में बीना मोदी और ललित भसीन से संबंधित केस को रद्द कर दिया है. समीर मोदी द्वारा अपनी मां बीना मोदी, वकील ललित भसीन और मां के निजी सुरक्षा गार्ड सुरेंद्र प्रसाद के खिलाफ मारपीट का केस फाइल किया था, इसे कोर्ट ने अब रद्द कर दिया है. जस्टिस सौरभ बनर्जी ने ये आदेश दिया है.

बीना मोदी सहित अन्य को पेश होने का निर्देश

सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि दोनों पार्टियों के बीच के झगड़े अब सुलझ गए है साथ ही मोदी ने अपनी शिकायत को वापस ले लिया है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दिया था. बीना मोदी और ललित भसीन ने निचली अदालत द्वारा जारी समन को चुनौती दी थी. फरवरी में साकेत कोर्ट ने समीर मोदी द्वारा दायर एक मारपीट के मामले में बिना मोदी और ललित भसीन को समन जारी किया था. जिसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी.

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए ये समन जारी किया है. कोर्ट ने 10 फरवरी को माना था कि समीर मोदी पर कथित मारपीट में बीना मोदी के शामिल होने के काफी सबूत मौजूद है. कोर्ट ने बीना मोदी सहित अन्य को 7 मई को पेश होने का निर्देश दिया था.

बोर्ड के सभी सदस्य अपराध के दोषी

दिल्ली पुलिस ने बीना मोदी के पीएसओ सुरेंद्र प्रसाद को भी आरोपी बनाया था. व्यवसायी समीर मोदी ने वर्ष 2024 में सरिता विहार पुलिस थाने में FIR दर्ज कराया था. मोदी ने आरोप लगाया था कि उन्हें एक बोर्ड मीटिंग में प्रवेश करने से रोका गया और बीना मोदी के पीएसओ सुरेंद्र प्रसाद ने उनके साथ मारपीट की. जिस दौरान उनकी तर्जनी उंगली टूट गई थी.

इस घटना का जिक्र करते हुए उनके बड़े भाई ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर उनका हाथ टूटने की तस्वीरें पोस्ट की थीं. उन्होंने लिखा था कि अपने छोटे भाई को इस हालत में देखकर दिल टूट गया. एक मां का अपने बेटे (समीर मोदी)को उसके सुरक्षा कर्मियों से इस तरह पिटवाया जाना कि उसका हाथ संभवतः हमेशा के लिए खराब हो जाए, ये चौकाने वाला है. उसका एकमात्र पाप ये था कि वह बोर्ड मीटिंग में भाग लेना चाहता था. बोर्ड के सभी सदस्य इस जघन्य अपराध के दोषी है. मेरा दिल मेरे भाई के साथ है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल ये मामला 11000 करोड़ रुपए के विरासत से जुड़ा हुआ है. के. के मोदी के छोटे बेटे और गॉडफ्रे फिलिप्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर समीर मोदी ने अपनी माँ बीना मोदी पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया था. समीर मोदी द्वारा दर्ज एफआईआर में उन्होंने अपनी मां, उनके निजी सुरक्षा अधिकारी और गॉडफ्रे फिलिप्स के डायरेक्टर्स पर उन्हें गंभीर चोट पहुचाने का आरोप लगाया था.

विवादित विरासत में सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली गॉडफ्रे फिलिप्स के लगभग 50 फीसदी शेयर शामिल है, जिनकी कीमत 5500 करोड़ रुपए से अधिक है. साथ ही मोदी ग्रुप के अन्य फार्मा में हिस्सेदारी भी शामिल है. समीर मोदी ने अपनी मां पर ये भी आरोप लगाया था कि उन्हें अपने पिता द्वारा ट्रस्ट डीड बताए गए तरीके से फंड वितरित नही किया गया.

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-भारत एक्सप्रेस



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