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रवि किशन को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत: गूगल को 3 दिन में आपत्तिजनक और पोर्नोग्राफिक कंटेंट हटाने का निर्देश

दिल्ली हाई कोर्ट ने भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए गूगल को उनके खिलाफ मौजूद आपत्तिजनक और पोर्नोग्राफिक कंटेंट वाले यूआरएल को 3 दिनों के भीतर हटाने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने हस्तियों के पर्सनैलिटी राइट्स को सुरक्षित रखने पर जोर दिया.

Ravi Kishan

पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) को लेकर बीजेपी सांसद और भोजपुरी फिल्म अभिनेता रवि किशन को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. दिल्ली हाई कोर्ट ने गूगल को उनके खिलाफ मौजूद आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया है. जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने इस आपत्तिजनक कंटेंट को 3 दिन के भीतर इंटरनेट से हटाने का सख्त निर्देश जारी किया है.

पोर्नोग्राफिक कंटेंट पर भी आपत्ति

मामले की सुनवाई के दौरान रवि किशन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरिहरन ने कोर्ट को बताया कि एक यूआरएल (URL) पर रवि किशन को “कवि किशन” कहा गया है. उन्होंने अदालत को यह भी अवगत कराया कि वहां उनके नाम और पहचान का दुरुपयोग करते हुए पोर्नोग्राफिक कंटेंट भी डाला गया है.

सुनवाई के दौरान गूगल की ओर से पेश वकील ने हाई कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वे चिन्हित किए गए कुछ यूआरएल को तुरंत हटा देंगे. उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि संबंधित भ्रामक सामग्री अपलोड करने वाले व्यक्ति और मीडिया कंपनी को इस मुकदमे में पहले ही पक्षकार बनाया जा चुका है.

राघव चड्ढा मामले के अदालती आदेश का भी हुआ जिक्र

बता दें कि एक दिन पहले ही सांसद राघव चड्ढा को लेकर भी हाई कोर्ट का एक बड़ा आदेश आया है, जिसमें कोर्ट ने चड्ढा के खिलाफ की गई सभी व्यंग्यात्मक टिप्पणियों को हटाने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने सिर्फ 5 विशेष टिप्पणियों/दस्तावेजों को हटाने का आदेश दिया था.

राघव चड्ढा मामले में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन में बदलाव, कामकाज, नीतियों आदि के बारे में मजाक बनाना राजनीति का एक अहम हिस्सा है. अदालत ने कहा था कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता की किसी भी कार्रवाई से ज्यादातर मामलों में, या सभी मामलों में आम जनता या विरोधी पार्टियों के सदस्यों की आलोचना हो सकती है, वे नाराज हो सकते हैं या उनमें हलचल मच सकती है. कभी-कभी यह सब व्यंग्यात्मक मजाक के रूप में सामने आ सकता है, हालांकि इससे ऐसा कंटेंट अपने आप आपत्तिजनक या मानहानिकारक नहीं हो जाता.

प्रतिष्ठा की सुरक्षा का बड़ा सवाल

दरअसल, यह मामला न केवल रवि किशन के व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़ा है, बल्कि डिजिटल युग में हर आदमी, खासकर सार्वजनिक हस्तियों की पहचान और प्रतिष्ठा की सुरक्षा के व्यापक सवाल भी उठाता है.

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बता दें कि सेलिब्रिटी और पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए इससे पहले अर्जुन कपूर, अल्लू अर्जुन, गौतम गंभीर, फिल्म अभिनेत्री काजोल, विवेक ओबेरॉय, बाबा रामदेव, सलमान खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, आराध्या बच्चन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, अजय देवगन, करण जौहर, रजनीकांत, गायिका आशा भोसले, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, सिंगर कुमार सानू और विराट कोहली सहित कई अन्य हस्तियां भी अपनी निजता व छवि के बचाव के लिए अदालत का रुख कर चुकी हैं.



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