दिल्ली हाई कोर्ट ने जम्मू और कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री को हटाने का आदेश दिया है. जस्टिस अमित बंसल ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी के मानहानि के मुकदमे में प्रथम दृष्टया उनके पक्ष में मामला बनता है. कोर्ट अप्रैल में अगली सुनवाई करेगा.
पिछली सुनवाई में क्या हुआ?
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सुरिंदर कुमार चौधरी को निर्देश दिया था कि वह अपनी मानहानि याचिका में सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने वालों का नाम शामिल करने का निर्देश दिया है. पिछली सुनवाई के दौरान उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव नैय्यर ने अदालत को बताया था कि इंटरनेट पर प्रसारित वीडियो में उनके मुवक्किल के चेहरे को एक महिला के साथ जोड़ते हुए अशोभनीय ढंग से जोड़ा गया है. जिससे उनकी छवि को गंभीर क्षति पहुंची है. उन्होंने इन सामग्रियों को सोशल मीडिया से तत्काल हटाने की मांग किया था.
गूगल और मेटा को निर्देश
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि किसी भी सामग्री को हटाने का आदेश पारित करने से पहले जरूरी है कि जिन लोगों ने यह सामग्री अपलोड की, उन्हें विधिवत पक्षकार बनाया जाए और उन्हें सुनवाई का अवसर दिया जाए. चौधरी ने दायर याचिका में यह भी कहा था कि फेसबुक पेजों और यूटूयूब चैनलों सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उनके खिलाफ यौन संकेतों वाली आपत्तिजनक और मानहानिकारक सामग्री पोस्ट की गई है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने गूगल और मेटा को निर्देश दिया था कि वे उन फेसबुक पेजों और यूट्यूब चैनलों का विवरण उपमुख्यमंत्री की लीगल टीम को उपलब्ध कराए, जो यह वीडियों प्रसारित कर रहे है. कोर्ट ने सोशल मीडिया पर वीडियों अपलोड करने वालों को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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