दिल्ली हाई कोर्ट ने एक आपराधिक मामले में पिछले नौ वर्ष से जांच करने में दिल्ली पुलिस के उदासीन रवैये पर फटकार लगाई है. अदालत ने संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) को जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ जांच का आदेश दिया है.
न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने एफआईआर को गुण-दोष के आधार पर रद्द करने की मांग करने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान, यह टिप्पणी की कि जांच में पीएस अमर कॉलोनी के संबंधित आईओ द्वारा उदासीन रवैया अपनाया गया था, क्योंकि यह कई वर्षों से लंबित था. याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता उज्ज्वल घई ने अदालत को बताया कि दिल्ली पुलिस ने पिछले नौ वर्षों से जांच पूरी नहीं की है, जिसके कारण याचिकाकर्ता की बदनामी हुई है.
उन्होंने आगे कहा कि अब धारा 468 सीआरपीसी के अनुसार संज्ञान की अवधि समाप्त हो चुकी है और उन्होंने तदनुसार एफआईआर को रद्द करने की प्रार्थना की. अदालत ने दिल्ली पुलिस के संबंधित एसीपी को संबंधित आईओ के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्देश दिया, जो जांच का प्रभारी है और साथ ही जांच की चरणबद्ध समयसीमा भी मांगी और संबंधित एसीपी को एक सप्ताह की अवधि के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय की गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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