आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के बेटे अकीरा नंदन को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. अकीरा नंदन की पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल पर बनी एआई फिल्म पर रोक लगा दिया है. जस्टिस तुषार राव गेडेला ने यह आदेश दिया है. अकीरा नंदन ने हाई कोर्ट का रुख करते हुए आरोप लगाया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बनाई गई एक फूल-लेंथ फिल्म के माध्यम से उनके व्यक्तित्व, प्रचार और निजता के अधिकारों को बड़े पैमाने पर उल्लंघन किया गया है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया है संबंधित फिल्म में एडवांस्ड एआई मॉर्फिग और डीपफेक तकनीकी का इस्तेमाल कर नंदन के चेहरे, आवाज और व्यक्तित्व को अत्यधिक सटीकता के.साथ कॉपी किया गया, जिससे यह झूठा आभास हुआ कि उन्होंने फिल्म में काम करने की सहमति दी थी. कोर्ट ने अपने रेकॉर्ड में लिया है कि एआई से तैयार इस फिल्म का शीर्षक “AI Love Story” है, जिसे यूट्यूब पर कई संस्करणों में अपलोड किया गया है.
इससे पहले पवन कल्याण ने भी.दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया चुके है. जिस याचिका पर अदालत ने सोशल मीडिया कंपनियों को पवन कल्याण की अनुमति के बिना उनकी छवि का इस्तेमाल या मर्चेडाइज बेचने पर रोक लगा दिया था.
सोशल मीडिया कंपनियों को 7 दिन का अल्टीमेटम
कोर्ट ने कहा था कि बिना अनुमति नाम, तस्वीर या पहचान का इस्तेमाल प्रथम दृष्टया व्यक्तित्व सुरक्षा का उल्लंघन हैं. अदालत ने स्पष्ट किया था कि पवन कल्याण के नाम, छवि, आवाज या पहचान का व्यवसायिक शोषण नही किया जा सकता. एआई, डीपफेक, मॉर्फिग या डिजिटल एडिटिंग जैसी किसी भी तकनीक से अनधिकृत इस्तेमाल पर भी रोक लगा दिया था. इससे पहले कोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनियों से सात दिनों के भीतर आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया था. इससे पहले हाई कोर्ट कई बड़ी हस्तियों के फोटो और व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने नहीं करने का आदेश दे चुकी है.
अदालत में पहले भी उठ चुका है मुद्दा
इससे पहले सलमान खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, आराध्या बच्चन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, अजय देवगन, करण जौहर, रजनीकांत, गायिका आशा भोसले, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, सिंगर कुमार, विराट कोहली सहित कई अन्य अदालत का रुख कर चुके है. हालही में पवन कल्याण ने आरोप लगाया था कि हर कोई हिंदुओं को निशाना बना रहा है और हर मौके पर उनकी परंपराओं पर सवाल उठा रहा है. कल्याण ने कहा था कि जहां भी हिंदू रीति-रिवाजों पर हमला होता है, चाहे वह तमिलनाडू हो, असम हो या पश्चिम बंगाल इसका विरोध करना हर हिंदू का कर्तव्य है.
पवन कल्याण के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उनके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. पूर्व आईएएस अधिकारी विजय कुमार ने रिट याचिका दायर की थी. दायर याचिका में कहा गया था कि पवन कल्याण को फिल्मों में अभिनय, मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेने, फिल्मों के निर्माण और विज्ञापनों में दिखाई दिखाई देने से रोकने की मांग किया गया था.
-भारत एक्सप्रेस
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