दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले में कथित आरोपी व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को निचली अदालत से मिली जमानत को चुनौती देने वाली ईडी की याचिका पर नवंबर में सुनवाई करेगा. जस्टिस रविंदर डुडेजा ने ईडी को बहस के लिए अंतिम मौका दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील ने कहा कि एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू मौजूद नही है. लिहाजा सुनवाई को टाल दिया जाए, जिसका केजरीवाल के वकील ने विरोध किया, कहा ईडी 9 बार सुनवाई को टालने की मांग कर चुकी है.
राऊज एवेन्यु कोर्ट से केजरीवाल को मिली जमानत के खिलाफ दायर ईडी की याचिका पर सुनवाई के बाद निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दिया था. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि धनशोधन मामले में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ ईडी द्वारा पेश की गई सामग्री का उचित आकलन नही किया.
आप नेताओं को लाभ पहुंचाने का आरोप
हालांकि ऐसा होना चाहिए था. निचली अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि प्रथम दृष्टया केजरीवाल का दोष अभी साबित नही किया गया है और ईडी धन शोधन मामले में अपराध से मिली आय से उनके संबंध को लेकर स्पष्ट सबूत पेश करने में नाकाम रही हैं. ईडी का आरोप है कि आबकारी नीति को जानबूझकर आप नेताओं को लाभ पहुचाने और कार्टेल गठन को बढ़ावा देने के लिए आप नेताओ को छूट, लाइसेंस शुल्क माफी के बदले शराब कारोबारियों से रिश्वत लेने का आरोप लगाया है. रिश्वत का पैसा को गोवा चुनाव में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था.
शराब कारोबारियों को भी मिली न्यायिक राहत
बता दें कि ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को जमानत मिल चुकी है. जमानत पाने वालों में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, बीआरएस नेता के कबिता, आप के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर, शराब व्यवसायी समीर महेंद्रू, बिजनेस मैन बिनॉय बाबू, राजेश जोशी, पंजाब के शराब कारोबारी गौतम मल्होत्रा, हैदराबाद के व्यवसायी अरुण पिल्लई, आप के वालंटियर चनप्रीत सिंह और विनोद चौहान शामिल है.
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-भारत एक्सप्रेस
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