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दिल्ली हाईकोर्ट ने बलात्कार के दोषी की सजा को 30 साल से घटाकर 20 साल किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने 12 साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में दोषी को बड़ी राहत दी है. पहले सत्र अदालत ने उसे 30 साल की सजा सुनाई थी, जिसे हाईकोर्ट ने घटाकर 20 साल कर दिया. कोर्ट ने दोषी के जेल में अच्छे आचरण को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया.

Delhi High Court
दिल्ली हाईकोर्ट ने बलात्कार के दोषी को बड़ी राहत देते हुए सजा को कम करने का आदेश दिया है. बलात्कार के आरोपी को निचली अदालत ने 30 साल की सजा सुनाई थी, जिसे घटाकर कोर्ट ने 20 साल कर दिया है. जस्टिस अमित शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि सत्र अदालत ने अभियुक्त को आईपीसी की धारा 376(2) (आई) व (एन) के तहत 30 साल की सजा सुनाते हुए दर्ज किया था कि उसका अपराध जघन्य प्रकृति का था. इसलिए उसे दी गई सजा उचित है.

कोर्ट ने दी सजा में राहत

उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि अभियुक्त का अपराध अत्यंत गंभीर है.अदालत ने कहा कि दोषी जेल में सफाई सहायक के तौर पर काम कर रहा था. उसका आचरण संतोषजनक रहा, इसलिए उसकी सजा की अवधि में संशोधन किया गया. उन्होंने कहा कि दोषी 6 अप्रैल, 2015 को गिरफ्तारी के बाद से ही हिरासत में है. अदालत ने उसकी नबालिग के साथ कई बार घर में जबरन घुसकर बलात्कार करने एवं धमकी देने के अलावा पॉस्को के तहत दी गई सजा को बरकरार रखा, लेकिन उसे यौन उत्पीड़न के आरोप से बरी कर दिया.

हाईकोर्ट ने सत्र अदालत के आदेश में किया संशोधन

अभियुक्त ने 12 साल की बच्ची के साथ बलात्कार करने के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद सत्र अदालत के वर्ष 2013 के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की थी. नाबालिग और उसकी मां ने 4 अप्रैल, 2015 को पुलिस से शिकायत कर आरोप लगाया था कि उसके पड़ोसी ने कई बार नाबालिग के साथ बलात्कार किया है. यह मामला तब सामने आया जब नाबालिग के पेट में दर्द की शिकायत के बाद उसकी मां उसे डॉक्टर के पास ले गई थी. जांच में नाबालिग गर्भवती पाई गई और डॉक्टरों ने उसे गर्भपात कराने की सलाह दी थी.


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भारत एक्सप्रेस

 



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