दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के मामले में द्वारका कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट तलब किया है. साथ ही कोर्ट ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की परिचालन स्थिति पर भी रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है. वही कोर्ट ने कॉन्ट्रेक्टर कबिश गुप्ता को अग्रिम जमानत दे दिया है. कोर्ट ने 18 फरवरी तक कबिश गुप्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर रोक लगा दिया है.
इसके साथ ही कोर्ट ने कबिश गुप्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया है. दिल्ली पुलिस ने जल बोर्ड के कॉन्ट्रैक्ट हिमांशु गुप्ता और कबिश गुप्ता के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था.
5 फरवरी की है घटना
अभी तक के जांच के मुताबिक 23 वर्षीय योगेश घटना के समय जनकपुरी साइट पर मौजूद था. प्रत्यक्षदर्शी विपिन सिंह ने बाइक को गड्ढे में गिरते समय देखा और रिहायशी परिसर के सुरक्षा गार्ड को सूचना दी, जिसने योगेश को बताया. योगेश को मौके पर पहुंचा और गड्ढे में घायल कमल ध्यानी को बाइक की हेडलाइट जलती हालत में देखा. इसके बावजूद उसने पुलिस या आपात सेवाओं को सूचित नहीं किया और रात 12.22 बजे अपने बॉस, सब कॉन्ट्रेक्टर राजेश कुमार प्रजापति को फोन किया. फोन पर सूचा मिलने के बाद भी राजेश ने इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी.
बाद में पुलिस ने राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि कमल के परिवार के लोगों से बात की जा रही है और जांच कर रहे हैं कि क्या उन्होंने योगेश से बात की थी और योगेश ने क्या इस हादसे की जानकारी किसी को दी थी या नही.
पुलिस कर रही है रिक्रिएशन
पुलिस के मुताबिक योगेश मजदूर है और वह इटावा का रहने वाला है. योगेश ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि हादसे की रात वह डर गया था और राजेश ने उसे चुप रहने को कहा था. इसलिए उसने पुलिस को सूचना नहीं दी. पुलिस अब दोनों को घटनास्थल पर ले जाकर पूरे हादसे को दोहराने की तैयारी में है. उन प्रत्यक्षदर्शियों को भी शामिल किया जाएगा, जिन्होंने सबसे पहले हादसा होते.देखा था.
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