दिल्ली के निचली अदालतों में 6 दिन से चला आ रहा हड़ताल अंततः खत्म हो गया है. सेंट्रल दिल्ली बार एसोसिएशन के सदस्य दीपक त्यागी ने बताया कि नई दिल्ली बार एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई, जिसके बाद हड़ताल को वापस लेने का फैसला लिया गया. अब दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा हाल ही में जारी अधिसूचना फिलहाल लागू नही होगा. थानों से साक्ष्य दर्ज कराने की इजाजत देने वाली अधिसूचना को लेकर वकीलों के कड़े विरोध को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने तय किया है कि जारी अधिसूचना पर अमल नही किया जाएगा.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही देने की योजना
पुलिस थानों से ही विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही देने के दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना के खिलाफ निचली अदालत के वकील हड़ताल पर थे. हड़ताल कर रहे वकीलों का कहना था कि एलजी द्वारा जारी अधिसूचना के चलते पुलिस को असीमित शक्तियां मिल गई है. एलजी द्वारा जारी नई नीति के तहत पुलिस अधिकारियों को अदालत में पेश होने की आवश्यकता नही है. गवाही पुलिस स्टेशन से ही देने की अनुमति मिल गई है.
वकीलों का आरोप था कि एलजी के इस कदम से गवाही की पवित्रता और स्वतंत्रता पर गंभीर खतरा है. उनका यह भी मानना था कि दिल्ली में यह नीति लागू करने के बाद पूरे देश में योजना को लागू किया जा सकता है. डीएचसीबीए ने उपराज्यपाल द्वारा जारी आदेश का विरोध करते हुए इसे कानून की मूल भावना के खिलाफ बताया था.
आदेशों के वापस लेने की मांग करते हुए डीएचसीबीए के सचिव विक्रम सिंह पवार ने कहा था कि इसे लागू करने से ट्रायल प्रक्रिया खतरे में पड़ जाएगी.
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