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रमीकल्चर की मुश्किलें बढ़ीं, ईडी ने कसा शिकंजा; ₹1,906 करोड़ की संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रमीकल्चर ऐप और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ₹1,906 करोड़ की संपत्तियां अटैच की हैं. जांच में BOT के इस्तेमाल, कथित धोखाधड़ी और खिलाड़ियों को नुकसान पहुंचाने के आरोप शामिल हैं.

ED Action on RummyCulture

Edited by Sahil Singh

ED Action on RummyCulture: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म रमीकल्चर ऐप और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1,906 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. यह कार्रवाई मेसर्स गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, रमीटाइम टेक्नोलॉजीज और अन्य संबंधित संस्थाओं के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई है.

एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच

ईडी के अनुसार, जांच की शुरुआत तेलंगाना में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर हुई थी. इन शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि ऑनलाइन रम्मी गेम्स के माध्यम से खिलाड़ियों को वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया और उनसे कथित तौर पर धोखाधड़ी की गई. जांच में सामने आया कि संबंधित कंपनियां रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) प्लेटफॉर्म संचालित कर रही थीं, जिनसे लगभग तीन करोड़ खिलाड़ी जुड़े हुए थे. इनमें अधिकांश खिलाड़ी तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बताए गए हैं.

खिलाड़ियों को बार-बार खेलने के लिए किया जाता था प्रेरित

ईडी का आरोप है कि कंपनियों ने ऐसा गेमिंग माहौल तैयार किया, जिससे खिलाड़ी लगातार दांव लगाने के लिए प्रेरित होते रहे. नए और पुराने खिलाड़ियों को बोनस, रेफरल योजनाएं, कैश ऑफर, एसएमएस, पुश नोटिफिकेशन और अन्य प्रचार अभियानों के जरिए लगातार गेम खेलने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था. एजेंसी का दावा है कि कंपनियां खिलाड़ियों की जमा राशि पर 10 से 15 प्रतिशत तक प्लेटफॉर्म कमीशन वसूलकर भारी मुनाफा कमा रही थीं.

BOT इस्तेमाल के भी आरोप

जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि कंपनियों ने प्लेटफॉर्म को निष्पक्ष और BOT मुक्त बताने के बावजूद कथित तौर पर ऑटोमेटेड BOTs का इस्तेमाल किया. इससे खिलाड़ियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और कंपनियों ने कथित अपराध की आय अर्जित की. ईडी के मुताबिक, इस राशि को डिविडेंड, शेयर बायबैक और अन्य निवेशों के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई.


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2,401 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त

अटैच की गई संपत्तियों में बैंक खातों की रकम, फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड, इक्विटी शेयर, कन्वर्टिबल नोट्स, फार्महाउस तथा कई आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं. इससे पहले की गई तलाशी में करीब 495 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां फ्रीज की गई थीं, जबकि 11 लाख रुपये नकद और लगभग 2.30 किलोग्राम सोना-हीरे के आभूषण भी जब्त किए गए थे. ईडी के अनुसार, अब तक इस मामले में कुल लगभग 2,401 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच, फ्रीज या जब्त की जा चुकी हैं. मामले की जांच अभी जारी है.

-भारत एक्सप्रेस



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