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पंजाब रियल एस्टेट घोटाला: ED ने GMADA और IAS विकास गर्ग के दफ्तर पर मारी रेड

पंजाब में जमीन और रियल एस्टेट अनियमितताओं को लेकर ED ने GMADA कार्यालय और आवास विभाग के प्रमुख सचिव विकास गर्ग के दफ्तर पर छापेमारी की है. दस्तावेजों और फोन को जब्त किया गया है.

enforcement directorate

पंजाब में जमीन खरीद-फरोख्त और रियल एस्टेट से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बहुत बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमों ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के कार्यालय और पंजाब आवास विभाग के प्रमुख सचिव आईएएस विकास गर्ग के दफ्तर पर एक साथ छापेमारी की है.

इस दौरान ईडी की टीमों ने कार्यालयों के भीतर दस्तावेजों की गहन छानबीन की, कंप्यूटर रिकॉर्ड्स को खंगाला और कुछ अधिकारियों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए हैं. सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान एस्टेट ऑफिसर, अतिरिक्त मुख्य प्रशासक और चीफ इंजीनियर समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को हाउसिंग सचिव के कमरे में बुलाकर लंबी पूछताछ की गई है.

किन मामलों की हो रही है जांच?

जमीन अधिग्रहण और सीएलयू (CLU): टीम ने रेमिगेट मामले से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ निजी बिल्डरों को नियमों के विपरीत दिए गए ‘चेंज ऑफ लैंड यूज’ (CLU) मामलों से संबंधित रिकॉर्ड को भी अपने कब्जे में ले लिया है.

348 करोड़ का हेरफेर

ईडी पहले से ही न्यू चंडीगढ़ और मोहाली क्षेत्र में जमीन के इस्तेमाल में बदलाव और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की जांच कर रहा है. खासकर ‘सुनटेक सिटी प्रोजेक्ट’ में किसानों की जमीन और कथित फर्जी सहमति पत्रों के जरिए सीएलयू हासिल किए जाने के गंभीर आरोपों की जांच चल रही है. एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में कथित अपराध से प्राप्त कुल रकम (Proceeds of Crime) लगभग 348 करोड़ रुपये आंकी गई है.

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लुधियाना और GLADA के मामले: लुधियाना और जीएलएडीए (GLADA) से जुड़े सीएलयू मामलों पर भी ईडी की पैनी नजर है. एजेंसी ने हाल ही में पूछताछ के दौरान सवाल उठाया था कि वर्ष 2019 में औद्योगिक जमीन को आवासीय विकास के लिए अनुमति देते समय जरूरी दस्तावेजी जांच क्यों नहीं की गई थी.

चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रोजेक्ट: इससे पहले जून 2026 में भी एजेंसी ने जीएमएडीए से चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रोजेक्ट के दस्तावेज मांगे थे और प्रमोटर्स व रॉयल ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली थी.



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