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बिटकॉइन पोंजी क्रिप्टो स्कीम घोटाला मामले में ED ने जब्त की 1646 करोड़ रुपये की क्रिप्टो करेंसी

बिटकॉइन पोंजी क्रिप्टो स्कीम घोटाला मामले में अहमदाबाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1646 करोड़ रुपये की क्रिप्टो करेंसी को जब्त किया है. इस मामले की जांच अमेरिकी जांच एजेंसी सहित 40 देशों की एजेंसियां भी जांच कर रही हैं.

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Prashant Rai Edited by Prashant Rai

बिटकॉइन पोंजी क्रिप्टो स्कीम घोटाला मामले में अहमदाबाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1646 करोड़ रुपये की क्रिप्टो करेंसी को जब्त किया है. इस मामले की जांच अमेरिकी जांच एजेंसी सहित 40 देशों की एजेंसियां भी जांच कर रही हैं. इस बिटकॉइन पोंजी क्रिप्टो स्कीम के तहत करीब 850 से ज्यादा विदेशी लोगों को चूना लगाया गया है. इस घोटाले का मास्टरमाइंड सतीश कुंभानी है, जो मूल रूप से गुजरात का रहने वाला है.

क्या है मामला?

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के मुताबिक करीब 2.4 बिलियन का यह स्कैम है. 2018 में गुजरात के सूरत सीआईडी द्वारा दर्ज किया गया था. जिसके आधार पर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही हैं. इस मामले का मास्टरमाइंड आरोपी कुंभानी की एक कंपनी है बिटकनेक्ट, जिसके माध्यम से इस फर्जीवाडे को अंजाम दिया गया. इस बिटकनेक्ट कंपनी की अगर बात करें तो एक डिजिटल करेंसी प्लेटफॉर्म है, साल 2021 में ये अमेरिकी जांच एजेंसी के राडार पर आया था. उसके बाद अमेरिकी प्रतिभूति और विनियम आयोग ने बिटकनेक्ट और उसके संस्थापकों के खिलाफ मुकदमा दायर करके इस मामले में जांच का दायरा आगे बढ़ाया था. उस वक्त अमेरिकी जांच एजेंसी द्वारा ये आरोप लगाया गया कि बिटकनेक्ट ने अमेरिकी निवेशकों को करीब 2.4 बिलियन डॉलर का चूना लगाया है, उसके बाद इस मामले की जानकारी भारतीय एजेंसियों के साथ साझा की गई थी.

अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

मामले की गंभीरता को देखते हुए यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस द्वारा लगाए गए आपराधिक आरोपों से जुड़े मामले में दोषी होने की बात उस वक्त तफ्तीश के दौरान सामने आई थी. इसी बात के मद्देनजर जब तफ्तीश में काफी कुछ सामने आ चुका था फिर साल 2023 में सैनडिएगो की एक संघीय जिला अदालत ने सुनवाई के दौरान इस मामले में करीब मिलियन डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया था. सतीश कुंभानी पर एक वैश्विक पोंजी योजना को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है. उनपर वायर धोखाधड़ी, कमोडिटी मूल्य हेरफेर, बिना लाइसेंस के मनी टांसमिटिंग व्यवसाय चलाने और अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश रचने का आरोप है.


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-भारत एक्सप्रेस



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