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बारामूला से सांसद इंजीनियर राशिद की ओर से दायर अर्जी पर फैसला सुरक्षित, कोर्ट 21 जुलाई को आदेश जारी होगा

बारामूला से सांसद इंजीनियर राशिद ने संसद के मानसून सत्र में भाग लेने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दायर की थी. NIA ने इसका विरोध किया.

Terror Funding Case

राशिद इंजीनियर

बारामूला से सांसद इंजीनियर राशिद की ओर से दायर अर्जी पर पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है कोर्ट 21 जुलाई को अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखा है. विशेष न्यायाधीश चंदरजीत सिंह ने एनआईए और इंजीनियर राशिद की ओर से पेश वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है. इंजीनियर राशिद ने दायर अर्जी में 21 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में भाग लेने की अनुमति देने की मांग की है.

याचिका में कहा कि राशिद को संसद की कार्यवाही में भाग लेने से रोकना न केवल जनता के मताधिकार का उल्लंघन है. बल्कि यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता इंजीनियर राशिद की ओर से पेश वकील ने कहा कि उन्हें अंतरिम जमानत दिया जाए, अगर यह संभव नही है तो, उन्हें हिरासत में ही संसद में भाग लेने की अनुमति दी जाए लेकिन बिना यात्रा खर्च चुकाए.

अंतरिम जमानत या हिरासत में भागीदारी की अपील

उन्होंने यह भी कहा कि निचली अदालत ने 10 सितंबर 2024 को उन्हें राज्य चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दी थी, जिसे तीन बार बढ़ाया गया है. इसलिए उन्हें सुरक्षा के लिए खतरा नहीं माना जा सकता. इसके अलावे दिल्ली हाई कोर्ट ने भी 10 फरवरी 2025 और 25 मार्च 2025 को हिरासत में संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति मिल चुकी है. वही एनआईए की ओर से पेश वकील ने इंजीनियर राशिद की ओर दायर अर्जी का विरोध किया है.

एनआईए के वकील ने कहा कि राशिद को अंतरिम जमानत नही मिलनी चाहिए. अगर कोर्ट इंजीनियर राशिद को हिरासत में संसद जाने की अनुमति देता है, तो यात्रा खर्च राशिद को खुद देना चाहिए. जिसका इंजीनियर राशिद के वकीलों ने इसका विरोध किया है. उन्होंने कहा कि वह संसद में भाग लेने जा रहे हैं, जो उनका सार्वजनिक कर्तव्य है, न कि कोई व्यक्तिगत काम-इसलिए उनसे यात्रा खर्च नहीं वसूला जाना चाहिए.

राशिद इंजीनियर ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को हराया था. राशिद इंजीनियर शेख अब्दुल रशीद के नाम से भी जाना जाता है. वह 2017 के आतंकवादी वित्तपोषण (आतंकी फंडिंग) मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से रशीद 2019 से जेल में बंद है.

कश्मीरी कारोबारी से पूछताछ में सामने आया नाम

बता दें कि कश्मीरी कारोबारी जहूर वटाली से पूछताछ के दौरान पूर्व विधायक शेख अब्दुल राशिद का नाम सामने आया था. एनआईए ने कश्मीर घाटी में आतंकवादी समूहों और अलगाववादियों को फंड देने के आरोप में वटाली को गिरफ्तार किया था.पटियाला हाउस कोर्ट ने 16 मार्च 2022 को हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन, यासीन मलिक, शब्बीर शाह और मसरत आलम, राशिद इंजीनियर, जहूर अहमद वताली, बिट्टा कराटे, आफताब बट्ट उर्फ पीर सैफुल्ला के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था.

NIA में मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन, जेकेएलएफ, जैश-ए- मोहम्मद जैसे संगठनों ने जम्मू कश्मीर में आम नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले और हिंसा को अंजाम दिया. 1993 में अलगाववादी गतिविधियों अंजाम देने के लिए ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस की स्थापना की गई.

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-भारत एक्सप्रेस 



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