आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ओर से आवास आवंटन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि केजरीवाल को 10 दिन में आवास मुहैया करा दिया जाएगा.
एसजी मेहता ने जस्टिस सचिन दत्ता से बयान दर्ज करने को कहा. वही आप की ओर से पेश वकील राहुल मेहरा ने कहा कि यह आवास टाइप 7 या 8 का रहा है और उन्हें टाइप 5 में डाउनग्रेड नहीं किया जा सकता.
चुनाव के दौरान सारी नारेबाजी जायज
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर वे (आप) खुश नहीं हैं, तो वे इसे न लें, और सॉलिसिटर जनरल से बात करने में ही समाधान है. मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने व्यंग्य करते हुए कहा कि आम आदमी कभी टाइप 8 के लिए नहीं लड़ता. इसका जवाब देते हुए राहुल मेहरा ने कहा कि चुनाव के दौरान ये सारी नारेबाजी जायज थी, लेकिन ये अदालत है.
कोर्ट ने एसजी के बयान को दर्ज किया कि 10 दिनों के भीतर उचित व्यवस्था दी जाएगी और कहा कि वे आदेश पारित करेंगे. कोर्ट ने मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर भी ध्यान आकर्षित किया और कहा कि यह ऐसा मुद्दा है, जिसका समाधान होना ही चाहिए, सिर्फ राजनेताओं के लिए ही नहीं, बल्कि गैर- राजनेताओं के लिए भी.
10 दिनों के भीतर मिलेगा आवास
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि एसजी ने 10 दिनों के भीतर उचित आवास आवंटित करने का आश्वासन दिया है, जबकि आम आदमी पार्टी ने आवंटित आवास के टाइप पर अपनी आपत्ति व्यक्त की है.
पिछली सुनवाई में अदालत ने कहा था कि एक पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए. यह पूरी तरह से अधिकारियों की मर्जी पर निर्भर नहीं हो सकता. जब तक स्पष्ट नीति है तो मैं यह जानना चाहता हूं कि प्राथमिकता का आंकलन किस तरह किया जाता है. आवंटन में विवेकाधिकार का इस्तेमाल कैसे किया जाता है.
उन्होंने यह भी निर्देश दिया था कि आवंटन के लिए सरकार की मौजूदा नीति को हलफनामे के रूप में पेश किया जाए. उसमें पहले के आवंटन का भी खुलासा किया जाना चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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