डीवाई चंद्रचूड़, पूर्व सीजेआई
एक देश एक चुनाव को लेकर पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) ने जेपीसी को अपनी राय व्यक्त की है. जेपीसी की 11 जुलाई को महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही हैं. जिसमें सुप्रीम कोर्ट के दो पूर्व सीजेआई जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ समिति के सदस्यों के साथ बातचीत करेंगे. हालांकि बैठक में शामिल होने से पहले जस्टिस चंद्रचूड़ ने कई गंभीर संवैधानिक और लोकतांत्रिक चिंताएं व्यक्त की है. विशेष रूप से छोटे और क्षेत्रीय दलों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है.
DY Chandrachud ने क्या कहा?
उन्होंने जेपीसी से कहा है कि छोटी और राष्ट्रीय पार्टियों के बीच बराबरी का मौका मिलना चाहिए. उनका मानना है कि अगर उन्हें बराबर का मौका नहीं दिया गया तो क्षेत्रीय और छोटी पार्टियां पिछड़ सकती हैं. जस्टिस चंद्रचूड़ का मानना है कि अगर लोकसभा और विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से पहले भंग हो जाती है, तो दोबारा चुनाव कराना चाहिए. क्योंकि इससे लोगों को हमेशा की तरह अपने प्रतिनिधि को चुनने का मौका मिलेगा.
सरकार 2029 से एक साथ चुनाव कराने पर विचार कर रही हैं. ताकि चुनाव का खर्च कम हो और सरकारें विकास पर ध्यान दें. जेपीसी की बैठक का मुख्य उद्देश्य संविधान (129 वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2024 पर गहन विचार-विमर्श करना है. देश में एक समान और एक साथ चुनाव की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं. एक साथ चुनाव कराने का प्रस्ताव भाजपा के 2024 के चुनावी घोषणा पत्र का हिस्सा था. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका समर्थन किया है. उनका मानना है कि इससे पैसे की बचत होगी और सरकारें विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगी. हालांकि कई विपक्षी पार्टियां इसका विरोध कर रही है.
जेपीसी की बैठक में अन्य प्रमुख विशेषज्ञों में पूर्व राज्यसभा सांसद और संसद की विधि और न्याय से जुड़ी स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ईएम सुदर्शन नचियप्पन शामिल होंगे. उनके अलावा पूर्व कानून मंत्री वीरप्पा मोइली शामिल होंगे. 39 सदस्यों वाली इस जेपीसी की अध्यक्षता भाजपा नेता पी. पी चौधरी कर रहे हैं. समिति का गठन दिसंबर 2024 में किया गया था और अब इसका कार्यकाल मानसून सत्र के पहले सप्ताह तक बढ़ा दिया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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