Rouse Avenue Court
Money Laundering Case: राऊज एवेन्यु कोर्ट ने कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के पूर्व डायरेक्टर गौतम बी. दोषी को 1 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. 5 दिन की ईडी रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद दोशी को राऊज एवेन्यु कोर्ट में पेश किया गया.
रिमांड की आवश्यकता नहीं
मामले की सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि दोशी से अभी तक कि पूछताछ पूरी हो गई है. फिलहाल रिमांड की आवश्यकता नहीं है. लिहाजा इन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाए. जिसके बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया है. इससे पहले ईडी की मांग पर कोर्ट ने 5 दिन के लिए रिमांड पर भेज दिया था.
5 मिनट तक वकील से मुलाकात
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि हर 24 घंटे में सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच कराई जाए, डॉक्टरों की सलाह के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराई जाए, प्रतिदिन 45 मिनट तक वकील से मुलाकात की अनुमति दी जाए. साथ ही कोर्ट ने कहा था कि परिवार के सदस्य प्रतिदिन 15 मिनट मुलाकात कर सकते है. हालांकि सुरक्षा कारणों से कोर्ट ने शेविंग उपकरण मुहैया कराने के आदेश देने से इनकार कर दिया था.
धारा 50 के तहत उनका बयान पहले ही दर्ज
मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने कोर्ट को बताया था कि गौतम दोषी रिलायंस एडीए ग्रुप में महत्वपूर्ण प्रबंधन और वित्तीय जिम्मेदारियां संभालते थे. वे समूह के मैनेजिंग डायरेक्टर में से एक रहे, रिलायंस टेलीकॉम के निदेशक और ऑडिट कमेटी के सदस्य थे.
जांच में यह भी सामने आया है कि दोषी 105 समूह इकाइयों के 161 बैंक खातों पर बैंकिंग अधिकार रखते थे और विदेशी वित्तीय व्यवस्थाओं, एफसीसीबी जारी करने, विदेशी बैंक खातों तथा ऑफशोर कॉपोरेट संरचनाओं से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभालते थे. मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से पेश वकील ने विरोध करते हुए कहा था कि दोषी जांच में सहयोग कर रहे हैं और पीएमएलए की धारा 50 के तहत उनका बयान पहले ही दर्ज हो चुका है.
मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू
ईडी ने कोर्ट को यह भी बताया था कि 74 वर्षीय दोषी कई बीमारियों से जूझ रहे हैं, इसलिए उन्हें ईडी हिरासत में नहीं भेजा जाना चाहिए. सीबीआई ने मार्च में सतीश सेठ और गौतम बी दोषी में खिलाफ मामला दर्ज किया था. सीबीआई की टीम ने इस जांच के हिस्से के रूप में दोनों अधिकारियों के परिसरों और ठिकानों पर छापेमारी भी की थी. सीबीआई की इसी शिकायत को आधार बनाकर ईडी ने दोनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अपनी जांच शुरू की है.
यह कार्रवाई भारतीय स्टेट बैंक में कथित 114.98 करोड़ रुपए के ऋण धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत की गई थी. सीबीआई ने कहा था, एसबीआई उन 11 बैंकों के समूह का हिस्सा था, जिन्होंने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को कुल 735 करोड़ रुपए का कर्ज देने की मंजूरी दी थी.
सेठ और दोषी की भूमिका की जांच शुरू
सीबीआई ने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, पूर्व डारेक्टर सतीश सेठ, पूर्व डायरेक्टर गौतम बी. दोषी, कुछ सरकारी कर्मचारियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ साजिश, आईपीसी की विभिन्न धाराओं जिनमें धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत आपराधिक कदाचार और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के अपराधों के लिए मामल दर्ज किया था.
माना जा रहा है कि ईडी ने सीबीआई की इस शिकायत का संज्ञान लेकर बैंक लोन धोखाधड़ी के इस मामले में सेठ और दोषी की भूमिका की जांच शुरू की है.
यह भी पढ़ें: एयरपोर्ट्स के पास ऊंची इमारतों पर रोक लगाने से SC का इनकार, कहा- ‘नीतिगत मामलों में अदालत नहीं कर सकती दखल’
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

