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एयरपोर्ट्स के पास ऊंची इमारतों पर रोक लगाने से SC का इनकार, कहा- ‘नीतिगत मामलों में अदालत नहीं कर सकती दखल’

सुप्रीम कोर्ट ने देश के हवाई अड्डों के आसपास शहरी निर्माण को नियंत्रित करने के लिए नियम बनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. सीजेआई सूर्यकांत की पीठ ने इसे सरकार का नीतिगत मामला बताया.

SC Refuses Hearing On Rules Regulating Construction Around Airports
Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने देश के हवाई अड्डों के आसपास शहरी ढांचों को नियंत्रित करने के लिए नियम बनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस बी. मोहना की बेंच ने कहा कि यह नीतिगत मामला है. इसमें अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकता है.

विकास को नियंत्रित करने के लिए कोई नियम नहीं

सीजेआई ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि यह नीतिगत मामला है. क्या याचिका को वापस लेना चाहते है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील लक्ष्मीकांत मातादान शुक्ला ने कोर्ट को बताया कि देशभर के हवाई अड्डों और उसके आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे से संबंधित खतरे मौजूद हैं, क्योंकि शहरी बुनियादी ढांचे के विकास को नियंत्रित करने के लिए कोई नियम नहीं है.

एयर इंडिया विमान दुर्घटना से संबंधित मामला

ये याचिका पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान दुर्घटना से संबंधित था. जिसमें 241 यात्रियों व चालक दल के सदस्यों के साथ जमीन पर चिकित्सा महाविद्यालय के 19 डॉक्टर और छात्रों की मौत हो गई थी. यह याचिका दिल्ली के रहने वाले वकील शकील शेख ने दायर की थी.

दायर याचिका में कहा गया था कि देश भर के हवाई अड्डों और उनके आसपास के इलाकों में शहरी विकास को नियंत्रित करने के लिए कोई नियम मौजूद नहीं है. यह गंभीर खतरे की बात है. कोर्ट से केंद्र सरकार के साथ ही डीजीसीए, एयरपोर्ट ऑथोरिटी और तमाम संबंधित संस्थाओं को इस पर विचार कर कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की गई थी.

क्या था पूरा मामला?

बता दें कि अहमदाबाद एयरपोर्ट से विमान भरने के महज 5 मिनट बाद ही यह विमान शहर के मेघाणी नगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस विमान में 241 यात्री और 10 क्रू सदस्य सवार थे. इनमें 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक था. अधिकत्तर शव बुरी तरह से झुलस चुके है. इनकी पहचान करना मुश्किल था.

इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के अलावा कई बिजनेस टायकून भी सवार थे. इनमें कार्गों मोटर के प्रमुख नंदा और ल्यूबी के डायरेक्टर सुभाष अमीन भी शामिल थे. विमान की कमान कैप्टन सुमित सभरवाल के पास थी और उसके साथ फर्स्ट ऑफिसर क्लाईव कुंदर थे.

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-भारत एक्सप्रेस



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