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‘जमा करो 25 लाख, वरना 3 महीने और काटनी होगी जेल!’ पूर्व BJP विधायक राजू सिंह को दिल्ली HC की हिदायत

दिल्ली हाई कोर्ट ने हर्ष फायरिंग मामले में दोषी पूर्व बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है. अदालत ने उन्हें दो दिन के भीतर 25 लाख रुपये मुआवजा जमा करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई तय की है.

Edited by Rohit Agrawal

Harsh Firing Murder Case 2026: दिल्ली के वसंत कुंज स्थित फार्महाउस में नए साल के जश्न के दौरान हर्ष फायरिंग कर महिला डॉक्टर अर्चना गुप्ता की जान लेने वाले बिहार के साहिबगंज से पूर्व बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह ने अब दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया. निचली राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा गैर-इरादतन हत्या (धारा 304 पार्ट-2) और आर्म्स एक्ट के तहत सुनाई गई 4 साल की जेल की सजा और दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर कड़ा जवाब तलब किया है.

इसके साथ ही कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने पूर्व विधायक को कड़ा निर्देश देते हुए दो दिन के भीतर हाई कोर्ट की रजिस्ट्री में 25 लाख रुपये की मुआवजा राशि जमा कराने को कहा है, जिस पर अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी.

जानिए कोर्ट के फैसले में क्या?(Harsh Firing Murder Case 2026)

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व विधायक राजू कुमार सिंह को गैर-इरादतन हत्या के मामले में 4 साल और आर्म्स एक्ट में 2 महीने की सजा सुनाई थी. अदालत ने अपने आदेश में साफ कर दिया था कि अगर आरोपी राजू सिंह तय समय के भीतर पीड़ित परिवार के लिए 25 लाख रुपये की मुआवजा राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी.

हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि आरोपी जितने दिन पहले ही जेल में बिता चुका है, वह अवधि उसकी मुख्य सजा में से घटा दी जाएगी.

कोर्ट में पूर्व विधायक ने क्या लगाई गुहार?

हाई कोर्ट में सजा को निलंबित करने की अर्जी लगाते हुए पूर्व विधायक ने अपने अच्छे आचरण का हवाला दिया और रिहाई की मांग की. राजू सिंह ने कोर्ट के सामने भावुक होते हुए कहा कि मृतका उनके दोस्त के बड़े भाई की पत्नी थीं, जिन्हें वे भाभी कहकर बुलाते थे और इस हादसे में उनके परिवार का ही सदस्य गया है. उन्होंने दलील दी कि उनका पिछला रिकॉर्ड साफ रहा है और उन्होंने कभी समाज के खिलाफ काम नहीं किया, इसलिए उनके अच्छे आचरण को देखते हुए सजा पर रोक लगाई जाए.

कोर्ट में प्रोबेशन ऑफिसर की रिपोर्ट के आधार पर बताया गया कि पूर्व विधायक का पहले का कोई आपराधिक सजा का रिकॉर्ड नहीं है, जबकि उनकी पत्नी रेणु सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को अदालत पहले ही सभी आरोपों से बरी कर चुकी है.

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क्या था पूरा मामला?

यह पूरा मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है, जब पूर्व विधायक राजू सिंह दिल्ली के वसंत कुंज स्थित अपने आलीशान फार्महाउस में नए साल का जश्न मना रहे थे. पार्टी में भीड़भाड़ वाले माहौल के बीच आरोपी ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से अचानक ताबड़तोड़ हर्ष फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान एक गोली वहां मौजूद डॉक्टर अर्चना गुप्ता को जा लगी, जिससे उनकी मौत हो गई.

निचली अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि एक पूर्व जनप्रतिनिधि होकर भीड़ भरे माहौल में गोलियां चलाना यह दिखाता है कि उन्हें अच्छी तरह पता था कि ऐसा करने से किसी की जान जा सकती है, जिसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

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-भारत एक्सप्रेस



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