मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े बड़गाई की 8.86 एकड़ जमीन घोटाला से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार मोहम्मद इरशाद सहित अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 29 मई को सुनवाई करेगा. इस मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी गिरफ्तार हो चुके. इन व्यक्तियों को छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम के तहत निर्धारित गैर- बिक्री योग्य भूमि के उपयोग की प्रकृति में बदलाव के लिए भू अभिलेखों की जालसाजी, उनमें छेड़छाड़ करने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में उनकी भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था.
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत की थी छापेमारी
पिछले साल 16 अप्रैल को मोहम्मद इरशाद, विपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय और जे एम. एम नेता अंतु तिर्की सहित अन्य के यहां ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत छापेमारी की थी. गिरफ्तारी के बाद से सभी जेल में बंद हैं. इनके खिलाफ ईडी की ओर से चार्जशीट दाखिल किया जा चुका है.
मुंशी डीड राइटर इरशाद मूल दस्तावेज में करता था हेराफेरी
हजारीबाग के मुंशी डीड राइटर इरशाद मूल दस्तावेज में हेराफेरी करता था और फर्जी डीड तैयार करता था. यह डीड लिखता था और इसके एवज में इसने अन्य आरोपियों से आठ लाख रुपये लिए थे. जबकि इसी मामले में गिरफ्तार द रजिस्ट्रार ऑफ इन्श्योरेंस कार्यालय के कर्मी तापस घोष ने से जमीन के मूल दस्तावेज को गायब कर अन्य आरोपियों को देने के एवज में 21 लाख रुपये लिए थे.
ईडी की जांच
बता दें कि ईडी जांच में पाया गया है कि आरोपियों द्वारा जालसाजी के माध्यम से हासिल की गई कुछ जमीनें हेमंत सोरेन के अवैध कब्जे में है. हालांकि हेमंत सोरेन ने ईडी के इन आरोपों से इनकार कर दिया था. उनका मानना है कि राजनीतिक प्रतिशोध के चलते उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
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