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IGI Airport पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा, तत्काल उपाय लागू करने के अनुरोध वाली याचिका पर HC ने मांगा जवाब; जानें पूरा मामला

दिल्ली हाईकोर्ट ने आईजीआई एयरपोर्ट के आसपास 10 किमी क्षेत्र में बूचड़खाने बंद करने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र और संबंधित एजेंसियों से जवाब मांगा, अगली सुनवाई 14 मई को होगी.

IGI Airport

आईजीआई एयरपोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो).

दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट (IGI Airport) पर पक्षियों से होने वाले टकराव को कम करने के लिए हवाई अड्डे के आसपास के 10  किलोमीटर के इलाके में स्थित बूचड़खाने को बंद करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर डीजीसीए, भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण, दिल्ली सरकार, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण और दिल्ली पुलिस के माध्यम से केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ 14 मई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. याचिका में हवाई अड्डे पर पक्षियों से होने वाले टकराव के खतरे को देखते हुए तुरंत और प्रभावी कदम उठाने और बर्ड अवॉयडेंस मॉडल लागू किए जाने की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि 10 किलोमीटर के इलाके में स्थित बूचड़खानों की वजह से आसपास के इलाकों में पक्षी मंडराते रहते है, जिनके विमानों से टकराने के खतरा बना रहता है. यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता गौरी मौलेखी ने दायर की है.

बूचड़खानों और पक्षियों के टकराव का संबंध

याचिका में यह कहा गया है कि बर्ड अवॉयडेंस मॉडल लागू नही होने के कारण कई घटनाएं घट चुकी है. हाई कोर्ट ने अधिकारियों, दिल्ली सरकार सहित अन्य से पूछा है कि यह बताए कि संबंधित नियमों को लागू करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए है.

वर्ष 2018 और 2023 के बीच आईजीआई एयरपोर्ट पर 705 पक्षियों से टकराने की घटनाएं दर्ज की गई है. यह संख्या छह अलग-अलग राज्यों के 29 हवाई अड्डों से कुल पक्षी हमले के मामलों से अधिक है. याचिका में यह भी कहा गया है कि इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करने और बीएएम के कार्यान्वयन की वकालत करते हुए प्रतिवादियों को कई अर्जी दिए गए हैं. लेकिन उसपर विचार नही करने के कारण मजबूरन कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के दौरान मजबूर होना पड़ा.

याचिका में यह भी दावा किया गया है कि इस खतरे का मुख्य कारण एयरपोर्ट के आसपास स्थित बूचड़खाने, मांस की दुकानें, डेयरी फार्म है, जिसके चलते इन जगहों पर पक्षियों या जानवरों के आकर्षित होने की आशंका नही रहती है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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