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विवादास्पद कार्टून बनाने वाले इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय गिरफ्तारी से बचने के लिए पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

विवादास्पद कार्टून मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है. हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट 14 जुलाई को सुनवाई करेगा.

Supreme Court
Edited by Akansha

विवादास्पद कार्टून बनाने वाले इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सुप्रीम कोर्ट 14 जुलाई को अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने मेंशनिंग कर कोर्ट से जल्द सुनवाई की गुहार लगाई थी. हेमंत मालवीय पर विवादास्पद कार्टून बनाने का आरोप है.

कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका को किया था खारिज

हाई कोर्ट मालवीय को यह कहते हुए अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था कि मालवीय ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया है और उन्हें विवादित कैरिकेचर बनाते समय विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए था. हेमंत मालवीय ने अपनी फेसबुक पेज पर कुछ कार्टून, कमेंट, फोटो और वीडियो पोस्ट किए थे. इनमें भगवान शिव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस कार्यकर्ता विनय जोशी ने लसूड़िया थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.

हेमंत मालवीय ने दिया करार जवाब

उनके अनुसार हेमंत मालवीय द्वारा पोस्ट किया गया कार्टून न केवल प्रधानमंत्री और संघ के प्रति आपत्तिजनक है, बल्कि इसका उद्देश्य हिंदू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुचाना भी है. उन्होंने इस सामग्री को अश्लील और भड़काऊ करार दिया, जिसे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बताया गया.

राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी के लिए जाने जाते हैं मालवीय

बता दें कि मालवीय अपने कार्टूनों के जरिये राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी के लिए जाने जाते हैं. यह पहली बार नहीं है जब उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया हो. इससे पहले वर्ष 2022 में उन पर उत्तराखंड पुलिस ने योग गुरु रामदेव के कथित अश्लील पोस्टर बनाने के आरोप में केस दर्ज किया गया था. दिसंबर 2022 में पीएम मोदी की मां की मौत के बाद कथित रूप से अपमानजनक बयान देने के लिए इंदौर पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था.

-भारत एक्सप्रेस 



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