जस्टिस करिया ने बताया कि वे केजरीवाल की पत्नी के खिलाफ पहले पेश हो चुके हैं, इसलिए मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है. अब मुख्य न्यायाधीश नई बेंच का गठन करेंगे, जिस पर 23 अप्रैल को सुनवाई होगी.
वीडियो रिकॉर्डिंग और नियमों के उल्लंघन का आरोप
यह जनहित याचिका वकील वैभव सिंह ने दायर की है. दायर जनहित याचिका में अदालती कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग पर आपत्ति जताई गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि जब अरविंद केजरीवाल जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के समक्ष रिक्यूजल एप्लिकेशन पर अपनी दलील रख रहे थे, तो सोशल मीडिया पर कोर्ट की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग को जान-बूझकर और सोची-समझी रणनीति के तहत दिल्ली हाई कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का उल्लंघन करते हुए पब्लिश किया गया है.
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‘आप’ नेताओं और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग
दायर याचिका में केजरीवाल और पत्रकारों के अलावा, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, संजीव झा, पुरनदीप साहनी, जरनैल सिंह, मुकेश अहलावत और विनय मिश्रा के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है. साथ ही इस वीडियो को सोशल मीडिया से तुरंत हटाने की मांग की गई है. बता दें कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने इस केस से खुद को अलग करने से इनकार कर दिया था और केजरीवाल की सभी दलीलों का अपने फैसले में जिक्र किया है.
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