भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार डीजीसीए के डिप्टी डायरेक्टर जनरल मुदावथ देवुला और एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि भरत माथुर की सीबीआई रिमांड की अवधि को 2 दिन के लिए बढ़ा दिया है.
5 दिन के लिए बढ़ी रिमांड की अवधि
मामले की सुनवाई के दौरान CBI ने कोर्ट को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को सबूतों के साथ आमना-सामना कराना है. लिहाजा 5 दिन के लिए सीबीआई रिमांड की अवधि को बढ़ाया जाए.
राऊज एवेन्यु कोर्ट ने पिछले दिनों सीबीआई (CBI) की मांग पर दोनों को 3 दिन के लिए रिमांड पर भेज दिया था. जिसकी अवधि खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया. दोनों आरोपियों को 19 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया था. जांच एजेंसी के मुताबिक यह मामला 2.5 लाख रुपये की रिश्वत से जुड़ा है.
क्या है आरोप?
आरोप है कि डीजीसीए के अधिकारी एक निजी एयरोस्पेस कंपनी के लिए डीजीसीए के पास लंबित फाइलों की मंजूरी और अनुचित लाभ पहुंचाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी. सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रावधानों के तहत माथुर, देवुला और एस्टेरिया एयरोस्पेस लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
क्या है पूरा मामला?
अधिकारियों के मुताबिक जिस प्रमुख कॉपोरेट समूह में माथुर काम कर रहे थे, उसे प्राथमिकी में नामजद नहीं किया गया है और एस्टेरिया एयरोस्पेस की मूल कंपनी है. सीबीआई की छापेमारी में 37 लाख कैश, सोने और चांदी के सिक्के और डिजिटल डिवाइस बरामद किया गया था.
सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक दोनों के बीच यह तय हुआ था कि फाइल को मंजूरी के लिए आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत के तौर पर प्रति फाइल पांच लाख रुपए देने होंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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