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‘असली पेपर से हूबहू मैच हुए लीक सवाल’, नीट परीक्षा घोटाले में कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेजा; देश भर में 49 जगह CBI रेड

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने NTA की फिजिक्स एक्सपर्ट और कॉलेज प्रिंसिपल मनीषा हवलदार सहित तीन मुख्य आरोपियों को 15 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

Rouse Avenue Court

Rouse Avenue Court

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर मनोज शिरूरे, तेजस हर्षद कुमार शाह और मनीषा संजय हवलदार को राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 15 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. सीबीआई रिमांड के बाद तीनों को सीबीआई ने कोर्ट में पेश किया था. सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि तीनों से फिलहाल पूछताछ पूरी हो चुकी है, जिसके बाद सीबीआई के विशेष जज अजय गुप्ता ने सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

केमिस्ट्री-फिजिक्स पेपर लीक में आरोपियों की भूमिका

डॉ. मनोज शिरूरे पर आरोप है कि उन्होंने आरोपी पी.वी. कुलकर्णी से केमिस्ट्री के प्रश्न हासिल कर तीन छात्रों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी. इनमें एक आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा भी शामिल है. वहीं आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह हैं, जो पुणे स्थित डॉक्टर अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी में फिजिक्स फैकल्टी हैं. सीबीआई के अनुसार उन्होंने गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवलदार से नीट यूजी 2026 परीक्षा के लीक हुए फिजिक्स प्रश्न प्राप्त किए थे.

सीबीआई ने कोर्ट को बताया है कि मामले में साजिश और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है. अब तक देशभर में 49 स्थानों में छापेमारी की जा चुकी है, जहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं. जब्त सामग्री की विस्तृत जांच की जा रही है. इस मामले में अब तक 13 लोगों को सीबीआई गिरफ्तार कर चुकी है.

NTA एक्सपर्ट और प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप

वहीं आरोपी तेजस हर्षद कुमार शाह हैं, जो पुणे स्थित डॉक्टर अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी में फिजिक्स फैकल्टी हैं. सीबीआई के अनुसार उन्होंने गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवलदार से नीट यूजी 2026 परीक्षा के लीक हुए फिजिक्स प्रश्न प्राप्त किए थे. सीबीआई के मुताबिक मामले में साजिश और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है. जबकि मनीषा संजय हवलदार प्रतिष्ठित सेठ हीरालाल सराफ कॉलेज की प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत थीं. मनीषा एक अनुभवी प्रोफेसर हैं और विद्या प्रसारणी सभा से जुड़े इस कॉलेज में लंबे समय से कार्यरत थीं.

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सीबीआई के मुताबिक मनीषा हवलदार एनटीए द्वारा फिजिक्स विषय की एक्सपर्ट नियुक्त की गई थीं. जिसके चलते उन्हें प्रश्नपत्र तैयार करने और उससे जुड़े संवेदनशील कंटेंट तक सीधा पहुंच मिली हुई थी. सीबीआई के आरोप के मुताबिक मनीषा इसी पहुंच का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र के सवाल लीक कर दिए. सीबीआई जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मनीषा द्वारा साझा किए गए सवालों का मिलान असली नीट पेपर से हूबहू मिला है. पूछताछ में जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि मनीषा हवलदार के जरिए पेपर किन-किन लोगों तक पहुंचा और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है.



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