Karur Stampede Case: तमिलनाडु के करूर में हुई भगदड़ के मामले में डीएमके की ओर से दायर अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार हो गया है. जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस शील नागू की बेंच 7 जुलाई को सुनवाई करने का भरोसा दिया है. यह अर्जी डीएमके के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी आर. एस भारती की ओर से दायर की गई है. दायर अर्जी में पक्षकार बनाने की मांग की है.
बयान देने पर रोक लगाने की मांग
डीएमके की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हुफैजा अहमदी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कुछ आरोपी जो मौजूदा सरकार में मंत्री है, गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे है. डीएमके ने मुख्यमंत्री विजय की पीड़ित परिवारों से मुलाकात पर भी आपत्ति जताई है. दायर अर्जी में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के मंत्री और अन्य आरोपियों को सीबीआई की चल रही जांच पर सार्वजनिक बयान देने पर रोक लगाने की मांग की गई है. साथ ही जांच के दौरान पीड़ितों के परिवारों के साथ उनकी बातचीत को नियंत्रित करने की भी मांग की गई है.
जांच को प्रभावित करने की कोशिश
सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2025 को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी. जांच की निगरानी पूर्व सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अजय रस्तोगी की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है. याचिकाकर्ता भारती ने अपनी याचिका में कहा है कि मुख्यमंत्री विजय, मंत्री जाधव अर्जुन और अन्य आरोपी सीबीआई जांच पूरी होने तक सार्वजनिक बयान न दें. 2 जुलाई को मंत्री जाधव द्वारा दिया गया बयान जांच को प्रभावित करने की कोशिश माना जाना चाहिए.
सरकार पर लोगों की मौत का आरोप
उन्होंने अपने बयान में कहा था कि करूर घटना को लेकर हिसाब बराबर करना है और पूर्व डीएमके सरकार पर लोगों की मौत का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि आरोपियों द्वारा इस तरह के बयान जांच और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. दायर याचिका में कहा गया है कि जिन लोगों के खिलाफ पहले चार्जशीट दाखिल की गई थी, उनमें से कई अब 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद तमिलनाडु कैबिनेट के सदस्य है. इसमें यह भी बताया गया है कि सीबीआई ने मुख्यमंत्री विजय और टीवीके के कई नेताओं से पूछताछ की और जांच अभी भी जारी है. इस भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 142 से अधिक लोग घायल हो गए थे. एक्टर विजय के रोड शो के दौरान टीवीके के समर्थकों ने तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुचाया था.
पुलिस ने इस घटना में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुचाने के आरोप में पार्टी सदस्यों के खिलाफ 9 एफआईआर दर्ज की है. जिसमें टीवीके के जिला सचिव भी शामिल हैं. बता दें कि 27 सितंबर को करूर में हुई इस भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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