पटियाला हाउस कोर्ट ने लाल किला कार ब्लास्ट मामले में आरोपी डॉक्टर मुज्जमिल गनी, अदील राथर, शाहिना सईद, मौलवी इरफान अहमद वागे, जासिर बिलाल उर्फ दानिश, शोएब और और मुफ़्ती इरफान की न्यायिक हिरासत की अवधि को 8 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया है. डॉक्टर शाहीन सईद के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्विद्यालय के फ्लैट से 18.50 लाख कैश, सोने की बिस्किट और गहने मिले है. इसके अलावे अरब देशों की करेंसी भी बरामद किया गया है.
गृह मंत्रालय द्वारा दिल्ली कार धमाके की जांच एनआईए को सौप दी गई थी. इसके बाद से जांच एजेंसी विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इस मॉड्यूल से जुड़े हर सदस्य का पता लगाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. बिलाल वानी पर लाल किला में हुए कार ब्लास्ट की साजिश रचने का आरोप है. एनआईए के मुताबिक दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट तैयार करने की कोशिश की.
एनआईए के मुताबिक दानिश उसने उमर उन नबी के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई थी. एनआईए जांच में खुलासा हुआ है कि शोएब ने आतंकी उमर नबी को विस्फोट से ठीक पहले पनाह दी थी और उसे लॉजिस्टिक सहायता भी मुहैया कराई थी. शोएब ने ही नूंह में उमर को अपनी साली अफसाना के घर में कमरा किराए पर दिलाया था और पूरी गारंटी ली थी.
हमलावर के साथ मिलकर रची थी साजिश
10 नवंबर को दिल्ली में धमाके से पहले 10 दिन उमर नूंह के इसी घर में रहा था. लाल किला के पास हुए भीषण धमाके में 15 लोगों की मौत हो चुकी है. हमले में 32 लोग घायल हो गए थे. एनआईए जांच में पता चला कि आमिर ने हमलावर डॉक्टर उमर नबी के साथ मिलकर लाल किला में हुए धमाके की साजिश रची थी.
जांच में यह भी पता चला है कि आमिर राशिद i20 कार की खरीद में मदद करने के लिए दिल्ली आया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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