पुलिस थानों से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही देने के दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना के खिलाफ निचली अदालतों के वकील आज भी हड़ताल पर रहेंगे.
हड़ताल का आज तीसरा दिन है. दिल्ली के सभी जिला न्यायालय बार संघों की कॉर्डिनेशन कमेटी के अतिरिक्त महासचिव तरुण राणा ने भारत एक्सप्रेस को बताया कि एलजी की ओर से 13 अगस्त को जारी आदेश के विरोध में वकील आज भी काम काज नही करेंगे.
आश्वासन के आलावा कोई ठोस नतीजा नही
उप-राज्यपाल के आदेश में पुलिस अधिकारियों को थानों से ही अदालतों में सबूत पेश करने की अनुमति दी गई है. दिल्ली के सभी जिला न्यायालय बार संघों की समन्वय समिति के अतिरिक्त महासचिव तरुण राणा ने कहा कि 25 अगस्त को समिति की एक बैठक हुई थी. उसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ भी बैठक हुई थी, लेकिन आश्वासन के अलावा अभी तक कोई ठोस नतीजा नही निकला है. इसलिए आम सहमति से यह निर्णय लिया गया है कि 26 अगस्त को भी दिल्ली के सभी जिला अदालतों में वकील कामकाज नही करेंगे.
तरुण राणा ने यह भी कहा है कि सरकारी वकीलों, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई के अभियोजकों और नायब अदालतों सहित पुलिस अधिकारियों को आज अदालत में पेश होने की अनुमति नही दी जाएगी. राणा ने कहा कि यह अधिसूचना आम लोगों के खिलाफ है.
वकील कर रहें न्यायिक कार्यों का बहिष्कार
बता दें कि दिल्ली के निचली अदालतों के सभी बार एसोसिएशनों के संगठन कॉर्डिनेशन कमेटी ऑफ ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशनो के आह्वान पर 22 अगस्त से वकील न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर रहें हैं. वकीलों की माने तो अब वो सड़कों पर प्रदर्शन और उपराज्यपाल का दफ्तर का घेराव करने का प्लान बना रहे है.
वही निचली अदालतों के वकीलों के समर्थन में दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन भी खड़ा है. डीएचसीबीए ने उपराज्यपाल द्वारा जारी आदेश का विरोध करते हुए इसे कानून की मूल भावना के खिलाफ बताया है. आदेशों के वापस लेने की मांग करते हुए डीएचसीबीए के सचिव विक्रम सिंह पवार ने कहा कि इसे लागू करने से ट्रायल प्रक्रिया खतरे में पड़ जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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