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फर्जी डिग्री रैकेट: मोनाड यूनिवर्सिटी मामले में ED ने 25.44 करोड़ रुपये की संपत्तियां कीं अटैच किया

ईडी ने हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी में चल रहे फर्जी डिग्री रैकेट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रमोटर्स की 25.44 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं.

ED Attaches Assets Worth 25 Crores In Monad University Fake Degree Scam
Edited by Vaibhav Gupta

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी से जुड़े फर्जी डिग्री और फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज रैकेट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 25.44 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं. इनमें फार्महाउस, कई फ्लैट और वाहन शामिल हैं, जो आरोपियों और उनके परिजनों के नाम पर दर्ज हैं.

FIR के आधार पर शुरु हुई जांच

यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है. ईडी ने जांच उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. एसटीएफ की जांच में एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ था, जो मोनाड यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कर बेचने और उनका सत्यापन कराने का काम कर रहा था.

संसाधनों और आधिकारिक तंत्र का किया दुरुपयोग

एसटीएफ ने 11 अगस्त 2025 को इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. ईडी की जांच में सामने आया कि मोनाड यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा ने संदीप सेहरावत और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर विश्वविद्यालय के नाम, संसाधनों और आधिकारिक तंत्र का दुरुपयोग किया.

आरोप है कि फर्जी मार्कशीट, डिग्री, चरित्र प्रमाणपत्र और छात्रों के रिकॉर्ड के सत्यापन जैसे दस्तावेज तैयार कर उन्हें छात्रों को पैसे लेकर बेचा जाता था. जांच के दौरान अब तक 1,800 से अधिक छात्रों से जुड़े ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं, जिन्हें फर्जी मार्कशीट, डिग्री और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए.

फर्जी मार्कशीट और फर्जी डिग्रियां

ईडी के अनुसार, इस पूरे रैकेट से करीब 37.66 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई. इस रकम का बड़ा हिस्सा नकद में लिया गया और बाद में उसे विभिन्न माध्यमों से खपाने की कोशिश की गई. हालांकि, जांच एजेंसी ने आरोपियों के बैंक खातों में धन के प्रवाह और कई परतों वाले लेनदेन का भी पता लगाया है.

इस मामले में पहले ईडी ने पीएमएलए की धारा 17 के तहत कई ठिकानों पर तलाशी भी ली थी. तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट, फर्जी डिग्रियां और इन दस्तावेजों के सत्यापन से जुड़े आवेदन सहित कई अहम दस्तावेज बरामद हुए थे.

ईडी ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस रैकेट से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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