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26/11 हमले का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा अब भारत की गिरफ्त में, जल्द होगी कोर्ट में पेशी

26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. अब राणा का भारत में मुकदमा चलेगा और उसके गुनाहों का हिसाब होगा.

Tahawwur Rana
Prashant Rai Edited by Prashant Rai

26/11 मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा को भारत लाने की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर है. इस मामले में मुंबई की विशेष कोर्ट से जुड़े सभी रिकॉर्ड दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट भेज दिए गए हैं. यह कदम भारत सरकार की एक बड़ी कूटनीतिक और कानूनी सफलता मानी जा रही है.

7 अप्रैल 2025 को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने तहव्वुर राणा की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने भारत को प्रत्यर्पण पर रोक की मांग की थी. अब अमेरिका में कोई कानूनी रुकावट नहीं बची है, जिससे राणा को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दायर कर रिकॉर्ड मंगवाए थे. कोर्ट ने 28 जनवरी को मुंबई कोर्ट को रिकॉर्ड भेजने का निर्देश दिया था, जिसे अब अमल में लाया जा चुका है. साथ ही, एनआईए की ओर से अदालत में पक्ष रखने के लिए विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) की भी नियुक्ति कर दी गई है. यह ज़िम्मेदारी वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र मान को सौंपी गई है, जिनका आतंकवाद और आपराधिक मामलों में लंबा अनुभव है.

कहां-कहां गया था राणा?

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि भारत आने के दौरान तहव्वुर राणा किन-किन जगहों पर गया था और किनसे मिला था. जांच में सामने आया है कि वह 13 से 21 नवंबर 2008 के बीच अपनी पत्नी समराज राणा अख्तर के साथ भारत में हापुड़, आगरा, दिल्ली, कोच्चि, अहमदाबाद और मुंबई गया था. इस दौरान उसने खुद को एक व्यापारी बताकर कुछ दस्तावेज भी जमा किए थे.

तहव्वुर राणा को पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली का करीबी माना जाता है. वह पाकिस्तान की सेना में डॉक्टर के पद पर लगभग 10 वर्षों तक कार्यरत रहा था. सेना छोड़ने के बाद वह भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में सक्रिय हो गया. जांच में यह भी पता चला है कि जब वह भारत आया था, तब उसने 231 बार हेडली से संपर्क किया था.

26/11 देश का सबसे बड़ा आतंकी हमला

गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को दस पाकिस्तानी आतंकियों ने समुद्री मार्ग से मुंबई में घुसपैठ की थी और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, होटल ताज, होटल ओबेरॉय और नरीमन हाउस (यहूदी केंद्र) जैसे स्थानों पर सिलसिलेवार हमले किए थे. इस भीषण हमले में 179 लोगों की जान गई थी, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे.

भारत प्रत्यर्पण के बाद तहव्वुर राणा को सबसे पहले एनआईए की दिल्ली स्थित विशेष अदालत में पेश किया जाएगा. एनआईए उसकी रिमांड की मांग करेगी. उसके बाद उसे मुंबई क्राइम ब्रांच के ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया जाएगा, जहां इस हमले से जुड़ा केस दर्ज है.


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-भारत एक्सप्रेस



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