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मुनंबम जमीन विवाद; केरल हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट तीन सप्ताह बाद करेगा सुनवाई

मुनंबम भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर तीन सप्ताह बाद सुनवाई तय की है.

Supreme Court issued notices to Centre and states

सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर तीन सप्ताह बाद सुनवाई करेगा, जिसमें मुनंबम भूमि को वक्फ संपत्ति नहीं माना गया था. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील जयदीप गुप्ता ने अदालत को बताया कि वक्फ बोर्ड ने समीक्षा याचिका वापस लेने और इसके बजाय विशेष अनुमति याचिका दाखिल करने का फैसला लिया है, जिसके लिए उन्हें कुछ समय चाहिए. जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें समय दे दिया है.

हाई कोर्ट का सख्त रुख

जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की पीठ मामले में सुनवाई कर रही है. केरल हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि मुनंबम की जमीन को वक्फ घोषित करना केरल वक्फ बोर्ड की जमीन हड़पने की रणनीति है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि उसने विवादित क्षेत्र के स्वामित्व का पता लगाने के लिए एक जांच आयोग की नियुक्ति के सरकारी आदेश को बरकरार रखने वाले केरल हाई कोर्ट के निर्देश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा गठित जांच आयोग को वैध ठहराया था.

मुनंबम विवाद में कोर्ट का संदेश

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि अगली सुनवाई तक केरल हाई कोर्ट की उस घोषणा पर रोक रहेगी, जिसमें विवादित जमीन को वक्फ संपत्ति नहीं बताया गया था. साथ ही अदालत ने यह निर्देश दिया था कि जमीन से जुड़ी मौजूदा स्थिति में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाए. केरल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील जयदीप गुप्ता ने कहा था कि याचिकाकर्ता का मुनंबम जमीन से जुड़े मामले में कोई सीधा संबंध नहीं है और वह सिर्फ तीसरा पक्ष है. गुप्ता ने यह भी कहा कि मेरे सम्मानित साथी वकील यह बात समझ नहीं रहे कि यह एक जनहित याचिका है. वक्फ का प्रबंधन देखने वाला मुतल्लवी खुद आगे आकर नहीं कह रहा है कि यह वक्फ की जमीन है. याचिकाकर्ता खुद पीड़ित बताकर मामले को उठा रहा है.

यह विवाद 2019 का है, जब वक्फ बोर्ड ने जमीन को अपनी प्रॉपर्टी के तौर पर रजिस्टर कर लिया था, जिससे उन परिवारों के रेवेन्यू राइट्स पर असर पड़ा जिन्होंने सालों पहले कॉलेज मैनेजमेंट से खरीदी थी. सही टाइटल डीड होने के बावजूद लोग कानूनी उलझन में थे.

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– भारत एक्सप्रेस



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