NEET UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने अपनी जांच को तेज कर दिया है. सीबीआई जल्द ही इस मामले में पहली चार्जशीट दाखिल करने जा रही हैं. सूत्रों के मुताबिक इस चार्जशीट में तीन टीचरों पीवी कुलकर्णी, मनीषा मंधारे और मनीषा हवलदार को पेपर लीक का मुख्य आरोपी बनाया जा सकता है.
इन तीनों पर आरोप है कि इन्होंने परीक्षा से पहले ही केमेस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स के सवाल कुछ चुनिंदा छात्रों तक पहुचाएं और इसके बदले लाखो रुपये वसूले.
छात्रों से लाखों रुपए वसूले
सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि इन शिक्षकों ने परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्रों तक पहुच बना ली थी और कोचिंग नेटवर्क, बिचौलियों तथा स्थानीय संपर्कों के जरिये छात्रों तक सवाल पहुचाएं गए. आरोप है कि इसके बदले छात्रों से लाखों रुपए वसूले गए. सीबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकारी अधिकारियों की भूमिका, पैसों के लेनदेन और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच अभी जारी रहेगी.
मनीषा वाघमारे पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी
सीबीआई ने इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें तीनों तीन शिक्षक, एक कोचिंग सेंटर के संचालक, कुछ बिचौलिए और छात्रों से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं. सीबीआई के मुताबिक मनीषा वाघमारे इस पूरे नेटवर्क की एक अहम कड़ी थी. जिसने आरोपियों और छात्रों के बीच संपर्क स्थापित करने में भूमिका निभाई. सीबीआई जांच में यह भी पता चला है कि कुछ छात्रों को प्रश्नों के साथ उत्तर भी उपलब्ध कराए गए थे.
सात साल तक कि सजा का प्रावधान
हालांकि सुप्रीम कोर्ट के वकील अमित द्विवेदी की माने तो जिस मामले में सात साल तक कि सजा का प्रावधान है, उसमें सीबीआई को 60 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करना होता है, और जिस मामले में सात साल से अधिक का सजा का प्रावधान है उसमें 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य है. अगर तय समय सीमा के भीतर सीबीआई चार्जशीट दाखिल नहीं करती है तो आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिल जाएगी.
-भारत एक्सप्रेस
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