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NEET पेपर लीक: CBI को 5 अगस्त तक चार्जशीट जांच पूरी करने का निर्देश; मास्टर क्वेश्चन सेट से मैच हुए 111 सवाल

राऊज एवेन्यू कोर्ट की फास्ट ट्रैक जज ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई को 5 अगस्त तक चार्जशीट जांच पूरी करने का निर्देश दिया है.

Rouse Avenue Court

नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की फास्ट ट्रैक राऊज एवेन्यू अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को निर्देश जारी करते हुए 5 अगस्त तक चार्जशीट की अंतिम जांच प्रक्रिया पूरी करने को कहा है. अदालत अब इस बहुचर्चित मामले में अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 6 अगस्त 2026 को करेगी.

इसके साथ ही, कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की ओर से दायर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई को 6 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया है, क्योंकि उनके वक्ताओं ने अदालत से सीबीआई चार्जशीट की कॉपी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था. न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) की अवधि समाप्त होने के बाद सभी गिरफ्तार आरोपियों को व्यक्तिगत/डिजिटल रूप से कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा.

SC वकील एपी सिंह ने लगाई अर्जी

मामले में नया मोड़ तब आया जब वरिष्ठ वकील एपी सिंह ने आरोपी मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल का ‘लाइ डिटेक्टर टेस्ट’ (Lie Detector Test), ‘ब्रेन मैपिंग’ (Brain Mapping) और ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ (Polygraph Test) कराने की अनुमति देने के लिए कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की. राऊज एवेन्यू कोर्ट ने इस अर्जी का संज्ञान लेते हुए सीबीआई को औपचारिक नोटिस जारी कर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.

सीबीआई जांच के विवरण के अनुसार, आरोपी मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास के लिए नीट परीक्षा का लीक पेपर हासिल करने के उद्देश्य से शुभम खैरनार से संपर्क साधा था. जांच के दौरान सीबीआई को विकास के मोबाइल फोन से भी लीक प्रश्नपत्र की कॉपियां बरामद हुई थीं. सीबीआई का दावा है कि मांगीलाल ने यह लीक पेपर यश यादव से 10 लाख रुपये में खरीदा था. कड़ाई से पूछताछ में खुलासा हुआ कि विकास और यश की पहली जान-पहचान राजस्थान के सीकर (Sikar) में प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग के दौरान हुई थी.

5 लाख का लेन-देन

सीबीआई ने आरोपी शिवराज मोटेगांवकर की जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत के समक्ष कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. सीबीआई ने राऊज एवेन्यू कोर्ट को बताया कि महाराष्ट्र के लातूर में ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेज’ चलाने वाले संचालक शिवराज मोटेगांवकर ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पैनल में शामिल केमिस्ट्री टीचर पी.वी. कुलकर्णी से पेपर लीक करवाने के लिए 5 लाख रुपये दिए थे.

सीबीआई का दावा है कि यह पूरा नेटवर्क एक बड़े और सुनियोजित सिंडिकेट का हिस्सा था, जिसमें कई रसूखदार लोग शामिल थे. शिवराज मोटेगांवकर ने साजिश के तहत अपने बेटे को पी.वी. कुलकर्णी की कोचिंग क्लास में दाखिला दिलवाया था, जहाँ से उसे लीक किया गया मास्टर प्रश्नपत्र हासिल हुआ. कुलकर्णी उस आधिकारिक एनटीए पैनल के सदस्य थे, जिसने नीट-यूजी 2026 का मूल प्रश्नपत्र तैयार किया था.

मोबाइल फोन से 36 तस्वीरें बरामद

सीबीआई द्वारा कोर्ट में दाखिल आधिकारिक जवाब में खुलासा किया गया है कि आरोपी ने कुलकर्णी की क्लास में प्राप्त लीक सवालों के आधार पर खुद हाथ से लिखकर नोट्स तैयार किए थे. सीबीआई ने आरोपी के मोबाइल फोन की डिजिटल फॉरेंसिक जांच में 36 तस्वीरें बरामद की हैं, जिनमें केमिस्ट्री विषय के कुल 132 हाथ से लिखे सवाल पाए गए. फॉरेंसिक जांच में सीबीआई ने पाया कि इन 132 सवालों में से 111 सवाल एनटीए द्वारा तैयार किए गए नीट-यूजी 2026 के मूल ‘मास्टर क्वेश्चन सेट’ (Master Question Set) से हूबहू मेल खाते हैं.

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उल्लेखनीय है कि बीते 3 मई 2026 को देश भर के विभिन्न शहरों में नीट-यूजी की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसके तुरंत बाद पेपर लीक की व्यापक शिकायतें और साक्ष्य सामने आए थे. सीबीआई जांच के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया था और अब 6 अगस्त को कोर्ट के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं.



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