पिछले साल नवंबर 2024 में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच खींचतान जारी है. इसी बीच सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक अहम फैसला सुनाया है. 18 अगस्त (सोमवार) को सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें चुनाव में धांधली के आरोप वाली याचिका को खारिज कर दिया गया था.
किसने की थी याचिका दायर
यह याचिका वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता चेतन चंद्रकांत अहिरे (Chetan Chandrakant Ahire) ने दायर की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि मतदान खत्म होने के बाद शाम 6 बजे के बाद करीब 76 लाख फर्जी वोट डाले गए थे. साथ ही उन्होंने चुनाव परिणाम को रद्द करने और सभी 288 सीटों पर दोबारा मतदान की मांग की थी.
बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी याचिका को कर दिया था खारिज
बता दें, बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने भी पहले ही इस याचिका को ‘ठोस आधार विहीन’ बताते हुए खारिज कर दिया था. कार्ट ने कहा था कि याचिका में कोई कानूनी दम नहीं है और इससे न्याययलय का समय बर्बाद होगा. हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर किसी भी प्रकार का जुर्माना नहीं लगाया.
हाई कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख
हाई कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद चेतन अहिरे ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख किया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच ने भी हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी .
चुनाव आयोग ने ली राहत की सांस
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के इस फैसले से चुनाव आयोग (Election Commission) को बड़ी राहत मिली है लेकिन विपक्षी दलों के नेताओं को करारा झटका लगा है. याचिका में यह भी दावा किया गया था कि करीब 95 प्रतिशत क्षेत्रों में डाले गए वोट और गिने गए वोटों की संख्या में भारी अंतर था.
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पर्याप्त सबूतों के अभाव में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने याचिका को खारिज कर दिया है जिसके बाद अब यह मामला कानूनी तौर पर समाप्त हो चुका है.
-भारत एक्सप्रेस
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