Pakistan Spy Case: पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कासिम और आसिम की पुलिस रिमांड की अवधि की पटियाला हाउस कोर्ट ने सात दिन के बढ़ा दिया है. कोर्ट ने 12 जून को दोनों को पेश करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में दोनों का हर 48 घंटे में मेडिकल चेकअप कराने को कहा है.
मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल की ओर से पेश वकील ने सात दिन की रिमांड की अवधि बढ़ाने की मांग की. कहा कि बरामद मोबाइल से कई सारी जानकारियां हासिल हुई है. उससे संबंधित पूछताछ करनी है और इसमें संलिप्त बाकी की तलाश करनी है. लिहाजा रिमांड की अवधि को सात दिन के लिए बढ़ा दिया जाए. जिसके बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया है. दोनों को दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया था.
मोबाइल से मिलीं अहम जानकारियां, नेटवर्क की तलाश
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया कि दोनों जांच में सहयोग नहीं कर रहे है. पुलिस पूछताछ में दोनों ने ही गुमराह करने की कोशिश की. अभी तक के जांच में यह साफ हो गया है कि दोनों आईएसआई एजेंटों के संपर्क में थे.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को कासिम और आसिम के पाकिस्तान एजेंट से संपर्क होने की जानकारी मिलने के बाद कासिम को गिरफ्तार किया गया. उससे पूछताछ के बाद उसके भाई को मेवात से गिरफ्तार कर लिया गया. स्पेशल सेल को आशंका है कि इन लोगों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में घूमकर वहां से संवेदनशील सूचनाएं जुटाकर पड़ोसी देश की खुफिया एजेंसी को भेजी है.
अभी तक के जांच में पता चला है कि इन लोगों ने अपने मोबाइल से काफी डाटा डिलीट कर दिया है. जांच एजेंसी के मुताबिक आसिम उर्फ हसीम भी पाकिस्तान जा चुका है. इससे पहले वह बचपन में अपने पिता के साथ पाकिस्तान गया था. उसकी बुआ पाकिस्तान से है. आसिम भी अपने भाई की तरह ही इलाके में झाड़ू फूंक, ताबीज का काम करता है.
राजस्थान से हुई गिरफ्तारी, मेवात से पकड़ा गया भाई
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भारत के विभिन्न शहरों से.पाकिस्तान से जुड़े जासूसों को गिरफ्तार कर रही है. इसी सिलसिले में सुरक्षा एजेंसियों ने राजस्थान से कासिम नाम के शख्स को गिरफ्तार किया था. कासिम ने बड़े खुलासे किए हैं. उसने बताया कि उसे लाहौर के आर्मी कैंप में ट्रेनिंग दी गई थी. उसे आईएसआई के तीन अधिकारियों ने ट्रेनिंग दी गई थी.
जांच में यह भी सामने आया है कि आईएसआई के तीन अधिकारी कासिम समेत कुछ आरोपियों को पाकिस्तान में ट्रेनिंग दे रहे थे. इनमें से दो आईएसआई अधिकारियों का कोड नेम शाहजी और ताऊजी था, जो ट्रेनिंग देने में शामिल थे. वही एक आईएसआई अधिकारी की पहचान वकास के तौर पर हुई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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