दिल्ली हाई कोर्ट ने संसद सुरक्षा चूक मामले में कथित आरोपी मनोरंजन डी, ललित झा सहित अन्य की ओर से दायर याचिका पर मई में सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने आरोपियों की जमानत का विरोध किया है.
शर्तों के साथ मिली जमानत
दिल्ली पुलिस ने दलील देते हुए कहा कि कई बैठकों और भूमिकाओं से जुड़ी एक कथित साजिश के तहत मोबाइल को नष्ट किए गए थे. इस मामले के दो आरोपियों नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत मिल चुकी है. कोर्ट ने दोनों को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दिया है.
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि आरोपियों पर युएपीए के तहत मामला क्यों दर्ज किया गया. कोर्ट ने कहा था कि कोई भी संसद भवन में शरारत या ऐसा कुछ नहीं कर सकता. कोर्ट ने कहा था कि संसद देश का गौरव है. ऐसे में कोर्ट को सारी चीजों पर ध्यान देना होगा. इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने क्या कहा?
पिछली सुनवाई के दौरान एएसजी चेतन शर्मा ने कहा था कि ये घटना 2001 के संसद पर हमले की बरसी के दिन घटी है. तब कोर्ट ने पूछा था कि धुंए के कनस्तर को सुरक्षा जांच और मेटल डिक्टेटर से गुजरा होगा. मतलब उसमें मेटल नहीं था.
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो गई है. जिसमें मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत, सागर शर्मा और नीलम आजाद का नाम शामिल है.
कब दाखिल हुई चार्जशीट?
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 15 जुलाई 2024 को पूरक चार्जशीट दाखिल किया था. दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 186, 353, 153, 452, 201, 34, 120 बी और यूएपीए की धारा 13, 16, 18 के तहत चार्जशीट दाखिल किया था. दिल्ली पुलिस ने 7 जून 2024 को पहली चार्जशीट दाखिल किया था.
ये भी पढ़ें: सावधान ठगों! अब WhatsApp अकाउंट सीधे सिम कार्ड से होगा लिंक, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किया मास्टर प्लान
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
