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UAPA केस में माधेश शंकर उर्फ अब्दुल्ला को पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत, 4 साल 9 महीने बाद जेल से आएगा बाहर

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने यूएपीए (UAPA) मामले में करीब पौने पांच साल से जेल में बंद आरोपी माधेश शंकर उर्फ अब्दुल्ला को एक लाख रुपये के मुचलके और कुछ कड़ी शर्तों के साथ जमानत दे दी है.

PATIALA HOUSE COURT

पटियाला हाउस कोर्ट के स्पेशल एनआईए कोर्ट ने गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) से जुड़े मामले में आरोपी माधेश शंकर उर्फ अब्दुल्ला को जमानत दे दी है. कोर्ट ने एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर यह जमानत प्रदान की है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीतांबर दत्त ने यह आदेश दिया है.

पासपोर्ट जमा करने सहित कोर्ट ने लगाईं कई शर्तें

कोर्ट ने जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी लगाई हैं. कोर्ट ने पासपोर्ट जमा करने को कहा है. इसी तरह के अन्य अपराधों में शामिल नहीं होगा और आईएसआईएस (ISIS) के अन्य सदस्यों से टेलीफोन पर संपर्क नहीं करेगा और ना ही गवाहों के संपर्क में आएगा. कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि आरोपी माधेश शंकर उर्फ अब्दुल्ला चार साल और 9 महीने से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है. अब्दुल्ला पर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का आरोप था.

ट्रायल में देरी और गवाहों की लंबी सूची का हवाला

कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि इस मामले में ट्रायल निकट भविष्य में खत्म होने वाला नहीं है, क्योंकि अभियोजन पक्ष ने अब तक केवल 61 गवाहों की ही गवाही ली है और अभी भी लगभग 90 गवाहों की गवाही बाकी है, जिससे ट्रायल पूरा होने में काफी वक्त लगेगा.

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मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से पेश वकील राहुल साहनी ने अदालत में तर्क दिया कि उनके मुवक्किल लंबी अवधि तक जेल में रह चुके हैं और चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही आरोप भी तय हो चुके हैं. अतः जांच के प्रभावित होने का अब कोई भय नहीं है. सह-आरोपियों को मिली जमानत का हवाला देते हुए वकील ने कोर्ट से अपने मुवक्किल के लिए समान राहत की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया.

2021 में NIA ने किया था गिरफ्तार

माधेश शंकर उर्फ अब्दुल्ला को साल 2021 में एनआईए (NIA) द्वारा दर्ज एक मामले में आतंकवादी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जांच एजेंसी का आरोप था कि माधेश सोशल मीडिया के जरिए से युवाओं का कट्टरपंथीकरण करने में शामिल थे. मामले की जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है और आरोप भी तय हो चुके हैं.



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