आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और फिल्म अभिनेता पवन कल्याण को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने व्यक्तित्व सुरक्षा की मांग को लेकर दायर याचिका पर बड़ा आदेश दिया है. जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने अंतरिम आदेश पारित किया है. अदालत ने सोशल मीडिया कंपनियों को पवन कल्याण की अनुमति के बिना उनकी छवि का इस्तेमाल या मर्चेडाइज बेचने पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा कि बिना अनुमति नाम, तस्वीर या पहचान का इस्तेमाल प्रथम दृष्टया व्यक्तित्व सुरक्षा का उल्लंघन है.
AI तकनीक पर सख्त पाबंदी
अदालत ने स्पष्ट किया कि पवन कल्याण के नाम, छवि, आवाज या पहचान का व्यावसायिक शोषण नहीं किया जा सकता. एआई, डीपफेक, मॉर्फिंग या डिजिटल एडिटिंग जैसी किसी भी तकनीक से अनधिकृत इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है. इससे पहले कोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनियों को सात दिनों के भीतर आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया था.
इससे पहले हाई कोर्ट कई बड़ी हस्तियों के फोटो और व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दे चुकी है. इस सूची में सलमान खान, अमिताभ बच्चन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर और विराट कोहली सहित कई अन्य नाम शामिल हैं जो अदालत का रुख कर चुके हैं.
विवादों के बीच उपमुख्यमंत्री की भूमिका
हाल ही में पवन कल्याण ने आरोप लगाया था कि हर कोई हिंदुओं को निशाना बना रहा है और हर मौके पर उनकी परंपराओं पर सवाल उठा रहा है. कल्याण ने कहा था कि जहां भी हिंदू रीति-रिवाजों पर हमला होता है, इसका विरोध करना हर हिंदू का कर्तव्य है. पवन कल्याण के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उनके खिलाफ हाई कोर्ट में एक और याचिका दायर की गई थी.
पूर्व आईएएस अधिकारी विजय कुमार द्वारा दायर इस रिट याचिका में मांग की गई थी कि पवन कल्याण को फिल्मों में अभिनय, मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेने, फिल्मों के निर्माण और विज्ञापनों में दिखाई देने से रोका जाए.
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-भारत एक्सप्रेस
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