पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार तुफैल अहमद भट्ट और जमीर अहमद अहंगर को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. एनआईए ने 5 दिन की रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद दोनों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था. इससे पहले दोनों को 10 दिन की एनआईए रिमांड की अवधि को खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया था. लेकिन कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड की अवधि को बढ़ाने का आदेश दिया.
गिरफ्तार किए गए तुफैल अहमद भट्ट और जमीर अहमद अहंगर पर आरोप है कि वे हथियार और गोला बारूद इकठ्ठा कर रहे थे. जमीर को उमर, इरफान और आदिल ने राइफल, पिस्तौल और जिंदा गोलाबारूद दिया था. दोनों अंसार गजावत उल हिंद से जुड़े हैं. गांदरबल में वकुरा गांव के रहने वाले जमीर अहमद अहंगर जिसे मुतलशा के नाम से भी जाना जाता है. इसे जम्मू कश्मीर पुलिस ने व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़े होने के शुरुआती जांच के बाद गिरफ्तार किया था.
आतंकी फंडिंग के सुराग तलाश रही जांच एजेंसी
एनआईए जांच में यह पता लगा रही है कि किस तरह से विस्फ़ोट की योजना बनाई गई, सहयोगी कौन थे और हथियार एवं विस्फोटक सामग्री कैसे जुटाई गई. एजेंसी का मानना है कि यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से लिंक है. अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें डॉक्टर मुजम्मिल शकील गनी, डॉक्टर शाहीन सईद, मुफ़्ती इरफान सहित अन्य शामिल है.
डॉक्टर शाहीन सईद के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्विद्यालय के फ्लैट से 18.50 लाख कैश, सोने की बिस्किट और गहने मिले है.
इसके अलावे अरब देशों की करेंसी भी बरामद किया गया है. गृह मंत्रालय द्वारा दिल्ली कार धमाके की जांच एनआईए को सौप दी गई थी. इसके बाद से जांच एजेंसी विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इस मॉड्यूल से जुड़े हर सदस्य का पता लगाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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