दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले गिरफ्तार आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने आदिल राथर, शाहीन सईद, मुज्जमिल गनई, मौलवी इरफान अहमद वागे, जासिर बिलाल वानी, यासिर अहमद डार और नसीर बिलाल मल्ला की न्यायिक हिरासत की अवधि की 15 दिन के लिए बढ़ा दिया है.
कैसे बनी थी विस्फोट की योजना?
दरअसल, सभी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया था. एनआईए जांच में यह पता लगा रही है कि किस तरह से विस्फ़ोट की योजना बनाई गई, सहयोगी कौन थे और हथियार एवं विस्फोटक सामग्री कैसे जुटाई गई. एजेंसी का मानना है कि यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से लिंक है. अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें डॉक्टर मुजम्मिल शकील गनी, डॉक्टर शाहीन सईद, मुफ़्ती इरफान सहित अन्य शामिल है.
विभिन्न राज्यों की पुलिस कर रही जांच
डॉक्टर शाहीन सईद के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्विद्यालय के फ्लैट से 18.50 लाख कैश, सोने की बिस्किट और गहने मिले है. इसके अलावे अरब देशों की करेंसी भी बरामद किया गया है. गृह मंत्रालय द्वारा दिल्ली कार धमाके की जांच एनआईए को सौप दी गई थी. इसके बाद से जांच एजेंसी विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इस मॉड्यूल से जुड़े हर सदस्य का पता लगाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. बिलाल वानी पर लाल किला में हुए कार ब्लास्ट की साजिश रचने का आरोप है.
एनआईए के मुताबिक दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट तैयार करने की कोशिश की. एनआईए के मुताबिक दानिश उसने उमर उन नबी के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई थी.
धमाके से पहले कहां था नूंह का डेरा?
एनआईए जांच में खुलासा हुआ है कि शोएब ने आतंकी उमर नबी को विस्फोट से ठीक पहले पनाह दी थी और उसे लॉजिस्टिक सहायता भी मुहैया कराई थी. शोएब ने ही नूंह में उमर को अपनी साली अफसाना के घर में कमरा किराए पर दिलाया था और पूरी गारंटी ली थी. 10 नवंबर को दिल्ली में धमाके से पहले 10 दिन उमर नूंह के इसी घर में रहा था. लाल किला के पास हुए भीषण धमाके में 15 लोगों की मौत हो चुकी है.
बता दें कि हमले में 32 लोग घायल हो गए थे. एनआईए जांच में पता चला कि आमिर ने हमलावर डॉक्टर उमर नबी के साथ मिलकर लाल किला में हुए धमाके की साजिश रची थी. जांच में यह भी पता चला है कि आमिर राशिद i20 कार की खरीद में मदद करने के लिए दिल्ली आया था.
-भारत एक्सप्रेस
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