गुरुग्राम लैंड स्कैम मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दायर चार्जशीट पर राऊज एवेन्यु कोर्ट 31 जुलाई को सुनवाई होगा. मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने बड़ा दावा किया है कि स्काईलाइट ने वाणिज्यिक आवासीय विकास के लिए लाइसेंस ऊपरी दबाव में प्राप्त किया गया. ईडी ने कहा कि लाइसेंस की फाइलें जल्दबाजी में प्रोसेस की गई और कंपनी की वित्तीय स्थिति की जांच नहीं कि गई. नियमों और शर्तों को दरकिनार कर यह लाइसेंस जारी किया गया.
ईडी ने उन अधिकारियों के बारे में कोर्ट को जानकारी जो अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार है. ईडी ने दावा किया कि वाड्रा की कंपनी ने डीएलएफ के साथ सहयोग कर अपराध से प्राप्त धन की तीसरी परत तैयार की. ईडी के मुताबिक चार किश्तों में धन प्राप्त किया गया. ईडी ने कोर्ट को यह भी बताया कि वाड्रा के स्वामित्व वाली कम्पनियों द्वारा प्राप्त 42.62 करोड़ की राशि अवैध कमाई है, जिसे दिल्ली में लेयरिंग किया गया. इसलिए यह अदालत के क्षेत्राधिकार का मामला बनता है.
वाड्रा से जुड़ी संपत्तियों को किया गया कुर्क
चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा सहित 11 आरोपियों के नाम है. यह मामला साल 2008 में खरीदी गई जमीन घोटाले से जुड़ा है. वाड्रा पर आरोप है कि कंपनी में सिर्फ एक लाख रुपये की जमीन सौदा किया था. इसी मामले में ईडी ने वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. पहली बार ऐसा हुआ है कि जब किसी जांच एजेंसी ने आपराधिक मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. रॉबर्ट वाड्रा और उनकी संस्थाओं से जुडी 37.64 करोड़ रुपए की 43 अचल संपत्तियों को कुर्क किया है.
जमीन की फर्जी खरीद का मामला
दायर चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी एम/एस स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और इनके प्रमुख श्री सत्यानंद याजी, श्री केवल सिंह वीरक सहित अन्य का नाम शामिल है. इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया था.
जिसके आधार पर रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी एम/एस स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ गुरुग्राम के गांव शिकोहपुर, सेक्टर-83 में स्थित 3.53 एकड़ जमीन की कथित रूप से फर्जी खरीद मामले में यह चार्जशीट दाखिल की गई है. आरोप है कि वाड्रा ने 12 फरवरी 2008 को एम/एस ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड से इस भूमि की खरीद झूठे दस्तवेज़ों के आधार पर की और फिर अपने व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए कमर्शियल लाइसेंस भी प्राप्त किया.
ईडी द्वारा इस मामले में 16 जुलाई 2025 को 43 अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है, जिनकी कुल कीमत 37.64 करोड़ बताई जा रही है. ये संपत्तियां रॉबर्ट वाड्रा, उनकी कंपनियां स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी एवं अन्य से संबंधित है. बता दें कि वाड्रा के ऑफिस की तरफ से कहा गया है कि रॉबर्ट वाड्रा को उन रिपोर्टों की जानकारी है, जिनमें कहा गया है कि ईडी ने राऊज एवेन्यु कोर्ट में उन्हें अभियुक्त बनाते हुए अभियोजन शिकायत दर्ज कराई है.
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