सदगुरू जगदीश वासुदेव ने एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. सदगुरू जग्गी वासुदेव ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर फर्जी वेबसाइटों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से उनके व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ सुरक्षा की मांग की है. जस्टिस सौरभ बनर्जी के समक्ष पेश वकील ने बताया कि सदुरु के नाम का बिना अनुमति के उपयोग कर कई उत्पाद बेचे जा रहे हैं.
मामले की संक्षिप्त सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि वो इस मामले में अंतरिम आदेश पारित करेगी. मामले की सुनवाई के दौरान सद्गुरु के वकील ने कहा कि भारत में प्रसिद्घ और सम्मानित व्यक्ति और घरेलू नाम है. उन्होंने तर्क दिया कि यह एक ऐसा मामला है, जहां वादी के नाम का पूरी तरह से व्यावसायिक रूप से दुरूपयोग किया जा रहा है.
सद्गुरु के वकील ने कहा कि सद्गुरु के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए एक डायनामिक इंजक्शन जारी किया जाए. यह आदेश भविष्य में होने वाले इस तरह की गलतियों पर लगाम लग पाएगा. इससे पहले भी ईशा फाउंडेशन की ओर से एक याचिका दायर की गई थी. जिसपर कोर्ट ने जग्गी वासुदेव से संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफार्म से हटाने का आदेश दिया था.
इससे पहले सद्गुरु को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत मिल चुकी है. सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दिया था. मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में ईशा फाउंडेशन को फटकार लगाई थी और पूछा था कि वह महिलाओं को मोह माया से दूर बैरागियों की तरह रहने के लिए प्रेरित क्यों करते हैं, जबकि खुद उनकी बेटी शादीशुदा है. हालांकि फाउंडेशन ने सफाई देते हुए कहा था कि हम किसी से शादी करने या भिक्षु बनने के लिए नही कहते हैं. यह एक व्यक्तिगत पसंद है.
-भारत एक्सप्रेस
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