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कॉड्रेलिया क्रूज रेड के आरोपी से रिश्वत लेने के मामले में समीर वानखेड़े को हाई कोर्ट से झटका!

समीर वानखेड़े को दिल्ली उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स मामले में कथित रिश्वत प्रकरण से जुड़ी उनके खिलाफ चल रही विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही को जारी रखने की अनुमति दे दी है.

Delhi High Court decision

केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के उस अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 27 अगस्त 2025 को वानखेड़े के खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह मामले के मेरिट पर टिप्पणी नहीं कर रही है, लेकिन विवादित आदेश में हस्तक्षेप जरूरी है. अदालत ने विभागीय कार्रवाई जारी रखने की अनुमति दे दी और सभी पक्षों की सहमति से याचिका का निपटारा कर दिया. वानखेड़े, जो 2008 बैच के IRS अधिकारी हैं और 2021 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) मुंबई में तैनात थे, उस समय सुर्खियों में आए थे जब कॉर्डेलिया क्रूज़ ड्रग्स केस में आरोपी से रिश्वत मांगने और कथित 25 करोड़ रुपये की उगाही के आरोप लगे थे. चलिए जानते है पूरा मामला:

CAT के खिलाफ याचिका दायर

दिल्ली हाई कोर्ट से सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) से कॉड्रेलिया क्रूज रेड के आरोपी से रिश्वत लेने के मामले में समीर वानखेड़े को झटका लगा है. अदालत ने वानखेड़े के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दे दिया है. जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की पीठ ने यह निर्देश दिया है. केंद्र सरकार ने CAT के फैसले के खिलाफ याचिका दायर किया है. मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि सीबीआई ने एक रेगुलर केस दर्ज किया था.

मुख्य आरोपी यह है कि कॉड्रेलिया क्रूज केस में आरोपी से रिश्वत मांगी गई थी. इन आरोपों के आधार पर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसने निर्देश दिया था कि कोई भी जबरदस्ती वाली कार्रवाई नहीं कि जाएगी.

अंतरिम आदेश की वैधता को चुनौती

मामले की सुनवाई के दौरान एक ट्रांसक्रिप्ट कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लाया गया है. कोर्ट ने कहा था कि यह मेरिट के आधार पर कोई कमेंट नहीं करेंगे. हम विवादित आदेश के बारे में बहुत कुछ कह सकते हैं, लेकिन हम नहीं कहेंगे. याचिका के जरिए केंद्र सरकार कैट द्वारा 27 अगस्त 2025 को दिए गए एक अंतरिम आदेश की वैधता को चुनौती दी है, जिसमें प्रतिवादी के खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्यवाही पर रोक लगा दी गई थी.

ट्रिब्यूनल पर अंतिम फैसला का अनुरोध

याचिकाकर्ता का कहना है कि ट्रिब्यूनल ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा पारित एक अंतरिम आदेश के आधार पर अनुशासनात्मक कार्यवाही पर रोक लगाकर गलती की है. जबकि प्रतिवादी के वकील ने ट्रिब्यूनल से मामले पर अंतिम फैसला करने का अनुरोध किया है. कोर्ट ने निर्देश देते हुए कहा कि याचिका सभी पक्षों की सहमति के बाद निपटारा कर दिया गया है.

समीर वानखेड़े 2008 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं, जो 2021 में एनसीबी मुंबई में तैनात थे. वे उस समय चर्चा में आए थे जब क्रूज ड्रग्स मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को फंसाने की धमकी देकर उनके परिवार से 25 करोड़ रुपए मांगने के आरोप लगे थे.

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-भारत एक्सप्रेस 

Written By: Shubhra Rai (Intern)



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