सांकेतिक तस्वीर.
दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन द्वारा भाजपा नेता करनैल सिंह के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पारस दलाल इस मामले में 2 जून को अपना फैसला सुनाएंगे.
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब सत्येंद्र जैन ने करनैल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए जाने को लेकर आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया. जैन के अनुसार, भाजपा नेता करनैल सिंह ने सार्वजनिक तौर पर यह आरोप लगाया कि ईडी ने उनके घर से 37 किलो सोना बरामद किया है, उनके पास 1100 एकड़ जमीन है और उन्होंने भ्रष्टाचार व मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अवैध संपत्ति बनाई है. करनैल सिंह ने कथित तौर पर यह भी कहा था कि जैन भू-माफिया हैं और उन्हें दोबारा जेल भेजा जाएगा.
इन आरोपों को सत्येंद्र जैन ने झूठा, बेबुनियाद और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है. जैन ने अपने वकील रजत भारद्वाज के माध्यम से यह याचिका दायर की थी जिसमें कहा गया कि विपक्षी नेता ने जानबूझकर उनके खिलाफ झूठे बयान दिए, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक साख को ठेस पहुंची है.
इससे पहले सुनवाई के दौरान करनैल सिंह ने कोर्ट के क्षेत्राधिकार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जब यह शिकायत दायर की गई थी, उस वक्त सत्येंद्र जैन विधायक नहीं थे, इसलिए यह मामला विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में नहीं चल सकता. हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उसे इस शिकायत पर सुनवाई करने का अधिकार है. कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के एक फैसले के अनुसार, यदि कोई पूर्व विधायक शिकायतकर्ता है तो वह विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में मामला दर्ज करा सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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