Jal Board Tender Scam: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ढाई साल जेल में बिताने के बाद जमानत पर बाहर आए दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन सहित अन्य को राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. साथ ही कोर्ट ने अंकित श्रीवास्तव को दो दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. जबकि कोर्ट जैन सहित अन्य की ओर से दायर जमानत याचिका पर एसीबी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
कोर्ट 25 अगस्त को दायर जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान एसीबी ने अदालत से सत्येंद्र जैन की न्यायिक हिरासत भेजने की मांग की, जबकि आरोपी अंकित को दो दिन के लिए पुलिस कस्टडी में भेजने की मांग की. मामले की सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन की ओर से पेश वकील ने कहा कि ग्राउंड ऑफ अरेस्ट में कहा कि जांच के लिए पुलिस हिरासत की जरूरत है, और अदालत में पेशी के दौरान न्यायिक हिरासत की मांग कर रहे है. उन्होंने कहा कि मुझे गिरफ्तारी से पहले कोई नोटिस नही दिया गया. 2024 में इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी.
इसके 27 महीने बाद गिरफ्तारी की गई है. इस बीच मुझे एक बार पूछताछ के लिए बुलाया गया. उन्होंने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में मजिस्ट्रेट के लिए कहा है कि वे देखे क्या जांच एजेंसी के पास गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त मैटीरियल मौजूद है. जैन पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर एक एसटीपी के मानक को बदल दिया है. जबकि मीटिंग के नोटिंग कुछ और ही कहते है.
गिरफ्तारी का कारण लिखित में बताए एसीबी- मनिंदर सिंह
उन्होंने गिरफ्तारी के आधार को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि ईडी की चार्जशीट में कुछ भी नही है. टेंडर प्रक्रिया में जैन की कोई भूमिका नही है. उन्होंने कहा कि रिश्वत की रकम सत्येंद्र जैन को मिली इसके कोई सबूत नही है. जैन के.वकील ने यह भी कहा कि एफआईआर होने से लेकर मुझे गिरफ्तार करने तक मैंने जांच में कोई बाधा नही पहुचाई.मेरी गिरफ्तारी पूरी तरह गैरकानूनी है. मुझे जेल भेजे जाने की कोई जरूरत नही है. जबकि मामले में आरोपी नागेंद्र यादव की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि पहले एसीबी ने 3 और 6 अगस्त को बुलाया था और फिर 16 अगस्त को जांच के लिए बुलाया उसके बाद गिरफ्तार कर लिया, एसीबी को लिखित में बताना चाहिए कि क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है. दिल्ली एंटी करप्शन ब्रांच यानी एसीबी ने जैन सहित अन्य को कल रात को गिरफ्तार किया था. जैन पर दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर से जुड़े भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप है.
एसीबी ने मामले में कुछ 6 लोगो को गिरफ्तार किया है. एसीबी ने जैन के अलावे जिन लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें सत्येंद्र जैन, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय, तत्कालीन कॉन्ट्रैक्ट कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव, एएन इंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरनमेंट के मालिक राजा कुमार कुर्रा और श्रीजनहार के मालिक पंकज वर्मा शामिल है.
एसीबी ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर में घोटाले को लेकर वर्ष 2024 में एफआईआर दर्ज की थी. जांच का एक अहम हिस्सा कथित पैसों के लेनदेन से भी जुड़ा है. अधिकारियों के अनुसार उदित प्रकाश राय तक करीब 1.52 करोड़ रुपए की कथित रिश्वत पहुंचाए जाने की बात सामने आई है.
प्रवर्तन निदेशालय ने भी दिसंबर 2025 में इसी मामले से जुड़े चार एसटीपी टेंडरों को लेकर अभियोजन शिकायत दाखिल की थी. बता दें कि अक्टूबर 2022 में दिल्ली जल बोर्ड ने 10 एसटीपी को अपग्रेड करने के लिए चार बड़े टेंडर जारी किए थे. इसकी लागत करीब 1943 करोड़ बताई गई. आरोप है कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर ईईपीएल को फायदा पहुचाया गया था.
एसीबी के अनुसार ऐसी शर्ते जोड़ी गई, जिससे प्रतिस्पर्धा खत्म हो गई और सरकारी खजाने को नुकसान हुआ. जांच में बिचौलियों और अधिकारियों की बातचीत के इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले. ईमेल से पता चला कि टेंडर दस्तावेज कंपनियों को पहले ही भेज दिए गए थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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